यमुना जल समझौते पर मुहर! दिल्ली में CM भजनलाल की अहम बैठक, पाइपलाइन से आएगा शेखावाटी का पानी
जयपुर। राजस्थान के शेखावाटी अंचल सहित प्रदेश के कई हिस्सों में लंबे समय से चले आ रहे जल संकट का अब स्थायी समाधान होने जा रहा है। दशकों से अटकी 'यमुना जल परियोजना' को जल्द धरातल पर उतारने के लिए मंगलवार को नई दिल्ली में एक उच्च स्तरीय और निर्णायक बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिस्सा लिया।
इस त्रिस्तरीय वार्ता में यमुना जल परियोजना के विभिन्न तकनीकी, व्यावहारिक और प्रशासनिक पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया गया। सबसे बड़ी उपलब्धि यह रही कि परियोजना के क्रियान्वयन के लिए तैयार किए गए 'मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट' (MOA) के प्रमुख बिंदुओं को सर्वसम्मति से अंतिम रूप दे दिया गया है।
केंद्र सरकार और दोनों राज्यों के इस साझा प्रयास से स्पष्ट हो गया है कि राजस्थान की प्यास बुझाने का रास्ता अब साफ है। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 'जल है तो कल है' के अनुरूप राज्यों के बीच बेहतर तालमेल और जल प्रबंधन को लेकर भी ठोस रणनीति तैयार की गई।
नहर की जगह पाइपलाइन से होगी जल सप्लाई
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने बैठक में स्पष्ट किया कि जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। इसी के मद्देनजर, यमुना का पानी पारंपरिक खुली नहरों के बजाय भूमिगत पाइपलाइन प्रणाली के जरिए राजस्थान तक पहुंचाया जाएगा। इस आधुनिक तकनीक से न केवल वाष्पीकरण और रिसाव से होने वाली पानी की बर्बादी रुकेगी, बल्कि वितरण व्यवस्था भी अधिक व्यापक और पारदर्शी बनेगी।
शेखावाटी के लिए संजीवनी है यह प्रोजेक्ट: CM भजनलाल
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य का पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि यमुना जल परियोजना राजस्थान, विशेषकर शेखावाटी क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए संजीवनी के समान है। इस परियोजना से न केवल पीने के पानी की किल्लत दूर होगी, बल्कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलेगा, जिससे क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक ढांचा मजबूत होगा।
मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार, केंद्र और हरियाणा के सहयोग से इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पानी आने से उद्योगों को गति मिलेगी और प्रदेश का समग्र विकास होगा।
किशाऊ, रेणुका और लखवार परियोजनाओं से तीन राज्यों को फायदा
यमुना जल के अलावा, इस बैठक में 'किशाऊ बांध परियोजना' को लेकर भी सकारात्मक प्रगति हुई। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस बहुउद्देश्यीय परियोजना से जुड़े छह राज्यों के बीच के गतिरोध को सुलझा लिया गया है और शीघ्र ही इससे संबंधित एमओए (MOA) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
वहीं, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि केंद्र के मार्गदर्शन में सभी राज्य जल सुरक्षा के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि रेणुका, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं के मूर्त रूप लेने से राजस्थान, दिल्ली और हरियाणा की जनता को सीधा लाभ पहुंचेगा। इसके अतिरिक्त, मानसून के दौरान व्यर्थ बहने वाले वर्षा जल को सहेजकर राजस्थान भेजने की तकनीकी संभावनाओं पर भी गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया।
निष्कर्ष
नई दिल्ली में संपन्न हुई यह बैठक राजस्थान के जल प्रबंधन के इतिहास में एक बड़ा कदम है। मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MOA) को अंतिम रूप दिए जाने से यह तय हो गया है कि यमुना का पानी अब जल्द ही पाइपलाइन के जरिए प्रदेश तक पहुंचेगा। यह साझा कूटनीतिक सफलता राजस्थान को जल संकट से उबारने और 'विकसित भारत-2047' के राष्ट्रीय लक्ष्य में राज्य की भागीदारी को और अधिक मजबूत करेगी।
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