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शिक्षा

NEET पेपर लीक विवाद: 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने की आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग

NEET पेपर लीक मामले में 'कॉकरोच जनता पार्टी' की बड़ी मांग। आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। पढ़ें पूरी खबर।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 19 Jun 2026 👁️ 36 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
NEET पेपर लीक विवाद: 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने की आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग

नई दिल्ली: NEET परीक्षा में पेपर लीक विवाद और उसके बाद पैदा हुए मानसिक दबाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों का मुद्दा अब और गहराता जा रहा है। व्यंग्यात्मक युवा संगठन (Satirical Youth Group) 'कॉकरोच जनता पार्टी' ने इस त्रासदी पर कड़ा रुख अपनाते हुए पीड़ित परिवारों के लिए मुआवजे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।

इस मांग को सोशल मीडिया पर भी व्यापक समर्थन मिल रहा है, जहां कई लोग सरकार से तुरंत जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।

अभिजीत दीपके का प्रधानमंत्री को 'ओपन लेटर'

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर अभिजीत दीपके ने एक 'ओपन लेटर' साझा करते हुए सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में संज्ञान लेने की अपील की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा:

"Open Letter to PM: We urge PM @narendramodi to provide ₹1 crore in compensation to the families of students who died by suicide due to the paper leak crisis."

(प्रधानमंत्री के नाम खुला पत्र: हम पीएम नरेंद्र मोदी से आग्रह करते हैं कि पेपर लीक संकट के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए।)

खबर के मुख्य बिंदु (Key Highlights)

  • ₹1 करोड़ मुआवजे की मांग: कॉकरोच जनता पार्टी ने सरकार से मांग की है कि पेपर लीक के तनाव में जान गंवाने वाले प्रत्येक छात्र के परिवार को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता दी जाए।

  • शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: संगठन ने इस पूरी अव्यवस्था के लिए शिक्षा मंत्रालय को जिम्मेदार ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।

  • 11 छात्रों की मौत: मीडिया रिपोर्ट्स पुष्टि करती हैं कि तमिलनाडु, राजस्थान और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में अब तक कम से कम 11 NEET उम्मीदवारों ने आत्महत्या कर ली है।

  • री-एग्जाम का तनाव: परिवारों का आरोप है कि छात्रों ने कई वर्षों तक तैयारी की थी, लेकिन पेपर लीक और 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा (Re-exam) के अचानक आए मानसिक दबाव को वे बर्दाश्त नहीं कर सके।

20 जून को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण रैली

छात्रों को न्याय दिलाने और अपनी मांगों को राष्ट्रीय पटल पर रखने के लिए, कॉकरोच जनता पार्टी ने 20 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक शांतिपूर्ण रैली का आह्वान किया है। इस रैली में देश भर के छात्रों, अभिभावकों और एक्टिविस्ट्स के शामिल होने की उम्मीद है।

पुलिस और आलोचकों का रुख

जहां एक तरफ युवा संगठन इन मौतों का सीधा जिम्मेदार परीक्षा सिस्टम की विफलता को मान रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ:

  • पुलिस की जांच: पुलिस इन सभी मामलों की अलग-अलग (Individual) जांच कर रही है और आधिकारिक तौर पर इन आत्महत्याओं को सीधे 'पेपर लीक' से नहीं जोड़ा गया है।

  • आलोचकों के सवाल: कुछ आलोचक इस व्यंग्यात्मक संगठन के उद्देश्यों पर भी सवाल उठा रहे हैं और उनका मानना है कि इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल ध्यान खींचने के लिए किया जा रहा है।

यह पूरा मामला अब सिर्फ एक परीक्षा की गड़बड़ी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सिस्टम की जवाबदेही पर एक बड़ा राष्ट्रीय सवाल बन गया है। सरकार इस प्रदर्शन और बढ़ती मांगों पर क्या प्रतिक्रिया देती है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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