राजस्थान: ICJS 2.0 से हाईटेक होगा क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
जयपुर। राजस्थान में आपराधिक न्याय प्रणाली को पहले से अधिक मजबूत, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में राज्य सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 प्रोजेक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शासन सचिवालय में एक अहम बैठक आयोजित की गई।
सोमवार को मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई इस उच्च स्तरीय समिति की बैठक में प्रोजेक्ट को धरातल पर उतारने के लिए विस्तृत चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने इस परियोजना को न्याय प्रणाली के लिए मील का पत्थर बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसके संचालन में संसाधनों की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तकनीक का मुख्य उद्देश्य आम जनता और न्यायिक तंत्र को त्वरित और प्रभावी लाभ पहुंचाना है। इसलिए समय पर जरूरी संसाधनों की पूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि यह व्यवस्था सुचारू रूप से काम कर सके।
न्याय संहिता डैशबोर्ड और स्कोर कार्ड की समीक्षा
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने न्याय संहिता डैशबोर्ड पर राजस्थान के स्कोर कार्ड का भी बारीकी से आकलन किया। उन्होंने प्रदेश की प्रगति रिपोर्ट और डैशबोर्ड पर मौजूद आंकड़ों पर मंथन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि इसकी निरंतर मॉनिटरिंग की जाए। निरंतर निगरानी से ही राज्य के प्रदर्शन में सुधार लाया जा सकता है और व्यवस्था की कमियों को दूर किया जा सकता है।
हेल्पडेस्क को सक्रिय करने और समन्वय पर जोर
योजना के सुचारू संचालन में आ रही तकनीकी और व्यावहारिक अड़चनों को दूर करने के लिए मुख्य सचिव ने स्टेट लेवल इंटीग्रेटेड हेल्पडेस्क को और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना के लागू होने में जो भी समस्याएं आ रही हैं, उनका तत्काल समाधान निकाला जाना चाहिए। इसके साथ ही, तकनीकी जरूरतों, आगामी कार्ययोजना और विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल को लेकर भी रूपरेखा तय की गई। श्रीनिवास ने सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने और नियमित रूप से कार्यों की समीक्षा करने को कहा है।
बैठक में इन आला अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा, महानिदेशक (कारागार) श्री अशोक कुमार राठौड, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री भास्कर ए. सावंत और वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया के साथ-साथ अन्य संबंधित विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष
इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (ICJS) 2.0 पुलिस, जेल और कोर्ट के बीच बेहतर डिजिटल समन्वय स्थापित करने की एक बड़ी पहल है। मुख्य सचिव द्वारा की गई इस समीक्षा बैठक से स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस परियोजना को लेकर गंभीर है और इसके लागू होने से राजस्थान की आपराधिक न्याय प्रणाली में तेजी और पारदर्शिता आना तय है।
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