राजस्थान: जयपुर, जोधपुर सहित 4 शहरों में भूमि आवंटन पर मंथन, स्वास्थ्य और शिक्षा को मिलेगी नई गति
जयपुर। राजस्थान के समग्र विकास और जन-सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार लगातार नीतिगत कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में भूमि आवंटन प्रकरणों को लेकर मंत्रिमंडलीय उप-समिति की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक कल्याण और औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देना था।
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में मुख्य रूप से जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर से जुड़े महत्वपूर्ण भूमि आवंटन प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार-विमर्श किया गया। सरकार का लक्ष्य है कि सार्वजनिक हित और सामाजिक विकास से जुड़े संस्थानों को रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाए, ताकि इसका सीधा लाभ प्रदेश की जनता तक पहुंच सके।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेंद्र सिंह, शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अविनाश गहलोत और नगरीय विकास एवं आवासन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री झाबर सिंह खर्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
जनहित और सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता
बैठक के दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी आधारभूत सुविधाओं के विस्तार से संबंधित प्रस्तावों की गहन समीक्षा की गई। उप-समिति ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनहित और शैक्षणिक सरोकार से जुड़े पात्र संस्थानों के भूमि आवंटन प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर और नियमानुसार आगे बढ़ाया जाए। आरक्षित दरों से छूट के मामलों में भी लोककल्याण की भावना को ध्यान में रखकर निस्तारण पर सहमति बनी।
स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सरकारी योजनाएं
स्वास्थ्य क्षेत्र पर विशेष जोर देते हुए समिति ने कहा कि विशेषीकृत चिकित्सा सुविधाओं का लाभ आम जनता तक आसानी से पहुंचना चाहिए। राज्य सरकार से लाभ प्राप्त करने वाली चिकित्सा संस्थाओं को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिकतम फायदा मरीजों को दें। इसके तहत स्वास्थ्य संस्थानों में 'मां' (Maa) और 'आरजीएचएस' (RGHS) जैसी सरकारी चिकित्सा सहायता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विशेष बल दिया गया।
शहरी विकास और कराधान में पारदर्शिता
शहरी नागरिक सुविधाओं के मोर्चे पर भी समिति ने कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की। औद्योगिक और व्यापारिक संगठनों को भवन निर्माण में लगने वाली पेनल्टी में छूट, प्रक्रियाओं के सरलीकरण, किश्तों में भुगतान की सुविधा और ग्रेस पीरियड देने जैसे सुझावों पर सकारात्मक मंथन हुआ। इसके अलावा शहरी विकास को लेकर निम्नलिखित निर्देश दिए गए:
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शहरी सेवा अभियान: अभियान के तहत पट्टों के वितरण और अन्य लाभों में तेजी लाई जाए।
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लंबित प्रकरण: अटके हुए मामलों का जल्द से जल्द निस्तारण कर नागरिकों को राहत प्रदान की जाए।
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नगरीय कराधान: नगरीय टैक्स और शुल्क निर्धारण के लिए एक पारदर्शी और व्यावहारिक व्यवस्था विकसित करने के प्रस्ताव तैयार किए जाएं।
निष्कर्ष
उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश के शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी आधारभूत ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सार्वजनिक उपयोग के लिए रियायती दरों पर भूमि आवंटन से प्रदेश में विकास कार्यों को तेज गति मिलेगी और आमजन को बेहतर सुविधाएं समयबद्ध रूप से मिल सकेंगी।
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