अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस: सीएम भजनलाल की बड़ी घोषणाएं, 25 नए स्टार्टअप्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मिलेगा बूस्ट
अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस (27 जून 2026) के अवसर पर राजस्थान सरकार ने प्रदेश के उद्यमियों, हस्तशिल्पियों और स्टार्टअप्स को बड़ी सौगात दी है। जयपुर के कॉन्स्टीट्यूशनल क्लब में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 13 करोड़ रुपये से अधिक के चेक, अनुदान और भूमि आवंटन पत्र लाभार्थियों को सौंपे। इसके साथ ही, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को बढ़ावा देने के लिए कई नई नीतियों का ऐलान किया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि 33 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों के साथ राजस्थान अब देश का चौथा सबसे बड़ा एमएसएमई राज्य बन चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर प्रदेश को देश का सिरमौर औद्योगिक राज्य बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। हाल ही में हुए राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट ने प्रदेश में निवेश का एक नया माहौल तैयार किया है।
सीएम भजनलाल शर्मा की अहम घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान राज्य के औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण ऐलान किए:
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हाट बाजार का निर्माण: हस्तशिल्पियों और बुनकरों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए पीपीपी मॉडल पर हाट विकसित किए जाएंगे। प्रथम चरण में पुष्कर, नाथद्वारा, जैसलमेर और अलवर को चुना गया है।
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स्टार्टअप्स को मदद: 'राजस्थान वेंचर कैपिटल फंड' के जरिए इस साल 25 नए स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाएगी।
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रिप्स-2024 (RIPS) में बड़ी राहत: सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में 'मैन्युफैक्चरिंग पैकेज' के तहत न्यूनतम निवेश सीमा को घटाकर 15 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, एमएसएमई के लिए कैपिटल सब्सिडी की मियाद 10 साल से कम करके 7 साल कर दी गई है।
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निवेश चरणों में बढ़ोतरी: भारत सरकार की ईसीएमएस (ECMS) योजना के तहत आने वाले प्रोजेक्ट्स के लिए अब 3 के बजाय 5 चरणों में निवेश की अनुमति मिलेगी।
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भत्ते में वृद्धि: इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर में प्रशिक्षण लेने वाली महिलाओं और दिव्यांग कर्मियों का अधिकतम भत्ता 4,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रति माह किया गया है।
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वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट: 'पंच गौरव योजना' में चिन्हित वनस्पति प्रसंस्करण इकाइयों को वित्तीय सहायता दी जाएगी।
व्यापार करना हुआ आसान, 30 दिन में मिलेगी मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि 'डायरेक्ट अलॉटमेंट पॉलिसी-2025' के लागू होने से बीते एक साल में 1600 से ज्यादा औद्योगिक भूखंड आवंटित किए गए हैं। उद्योगों को राहत देते हुए शहरी इलाकों में एमएसएमई इकाइयों के लिए 'लैंड यूज अप्रूवल' की समय-सीमा 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी गई है। इसके साथ ही, उद्योग शुरू करने की स्वीकृति अब 120 दिनों के बजाय महज 30 दिनों में मिलेगी। प्रदूषण मुक्त उद्योगों की 'व्हाइट कैटेगरी' का दायरा 104 से बढ़ाकर 877 कर दिया गया है, जिससे हजारों छोटे कारोबारियों को फायदा हुआ है।
नए औद्योगिक पार्क और नीतियां लॉन्च
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 'राजस्थान औद्योगिक विकास नीति', 'ओडीओपी कॉफी टेबल बुक' और 'रैम्प (RAMP) पोर्टल' को भी लॉन्च किया। भविष्य की औद्योगिक जरूरतों को देखते हुए राज्य में सोलर पैनल, सिरेमिक, डाटा सेंटर और डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
समारोह में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने 33 नए औद्योगिक क्षेत्रों को मंजूरी दी है। इस अवसर पर उद्योग राज्यमंत्री के.के. विश्नोई, सांसद मंजू शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास, अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल और आयुक्त नीलाभ सक्सेना सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
निष्कर्ष: राजस्थान सरकार द्वारा एमएसएमई दिवस पर की गई ये घोषणाएं प्रदेश के कारोबारी परिदृश्य को नई दिशा देने वाली हैं। निवेश की आसान शर्तों, त्वरित मंजूरियों और नई वित्तीय सहायता से न केवल स्थानीय उद्योगों को संजीवनी मिलेगी, बल्कि राज्य में बड़े पैमाने पर युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
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