राजस्थान सरकार और HPCL का 400 करोड़ का मेगा प्लान: प्रदेश में खुलेंगे नए पेट्रोल पंप, फ्यूल सप्लाई पर अहम फैसला
जयपुर। राजस्थान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के उद्देश्य से, राज्य सरकार ने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के साथ एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हाइब्रिड मोड में हुई इस रणनीतिक बैठक में राज्य सरकार, HPCL और HRRL (एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड) के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक का मुख्य फोकस पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स का विस्तार करना और राज्य में फ्यूल (ईंधन) सप्लाई की व्यवस्था को सुदृढ़ करना था।
इस उच्च स्तरीय बैठक की मुख्य बातें:
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बड़ा निवेश: HPCL राज्य भर में नए और आधुनिक रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) स्थापित करने के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
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जमीन की पहचान: इस बड़ी परियोजना के लिए राजस्व विभाग द्वारा राज्य भर में 304 सरकारी स्थानों को पहले ही चिह्नित किया जा चुका है।
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नई लीज नीति: रिटेल आउटलेट स्थापित करने के लिए HPCL को लीज (पट्टे) के आधार पर जमीन आवंटित करने के लिए 31 जुलाई तक एक नई और पारदर्शी नीति बनाई जाएगी।
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प्राथमिकता के आधार पर फ्यूल सप्लाई: HPCL और HRRL ने सरकारी विभागों द्वारा ईंधन खरीद के लिए RTPP एक्ट के तहत 'प्रिफरेंशियल सप्लायर' (प्राथमिकता प्राप्त आपूर्तिकर्ता) का दर्जा देने की मांग की है।
400 करोड़ का निवेश और सरकारी जमीन पर नए रिटेल आउटलेट
बैठक का प्राथमिक एजेंडा राज्य भर की सरकारी जमीनों पर नए HPCL रिटेल आउटलेट (पेट्रोल पंप) स्थापित करने की प्रगति की समीक्षा करना था। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने भूमि चिह्नीकरण की प्रक्रिया का बारीकी से मूल्यांकन किया। बैठक में बताया गया कि राजस्व और प्रशासनिक विभागों ने 304 ऐसी जगहों की सफलतापूर्वक पहचान कर ली है, जो इन आउटलेट्स के निर्माण के लिए पूरी तरह से उपयुक्त हैं।
इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए HPCL ने लगभग 400 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय की प्रतिबद्धता जताई है। इस बड़े निवेश से न केवल आम जनता, किसानों और व्यावसायिक परिवहन के लिए ईंधन की सुलभता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए, मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे 31 जुलाई तक एक व्यापक भूमि आवंटन एवं लीज नीति तैयार कर लें। यह नीति HPCL को दीर्घकालिक लीज पर जमीन देने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तय करेगी।
RTPP एक्ट के तहत फ्यूल सप्लाई: HRRL की क्षमता का अधिकतम उपयोग
इस उच्च स्तरीय बैठक में HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के आर्थिक प्रभाव और उसकी क्षमता के अधिकतम उपयोग पर भी गंभीर चर्चा हुई। HPCL और HRRL के प्रतिनिधियों ने एक रणनीतिक प्रस्ताव रखते हुए राजस्थान सरकार से अनुरोध किया है कि राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों, एजेंसियों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा की जाने वाली ईंधन खरीद के लिए उन्हें राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता (RTPP) अधिनियम के तहत 'प्रिफरेंशियल सप्लायर' (प्राथमिकता प्राप्त आपूर्तिकर्ता) का दर्जा दिया जाए।
इस कदम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राजस्थान में विकसित हो रही विशाल रिफाइनरी क्षमता का स्थानीय स्तर पर पूरा लाभ उठाया जा सके। राज्य सरकार के वाहनों और रोडवेज बसों जैसे सार्वजनिक परिवहन बेड़े के लिए सीधे राज्य स्थित रिफाइनरी से ईंधन खरीदने पर न केवल लॉजिस्टिक खर्च में भारी बचत होगी, बल्कि परिवहन में लगने वाले समय में भी कमी आएगी। राज्य सरकार ने इस प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए HPCL और HRRL के साथ साझेदारी में इन पहलों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई है।
प्रशासनिक समन्वय और भविष्य की रूपरेखा
इतने बड़े पैमाने के बुनियादी ढांचे और ऊर्जा परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए कई प्रशासनिक विभागों के बीच बेहतरीन तालमेल की आवश्यकता होती है। यह बैठक इसी समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण रही। बैठक में खान विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) श्रीमती अपर्णा अरोड़ा, गृह विभाग के एसीएस श्री भास्कर सावंत, उच्च शिक्षा के एसीएस श्री कुलदीप रांका और नगरीय विकास एवं आवासन (UDH) विभाग के एसीएस श्री आलोक गुप्ता सहित कई शीर्ष नौकरशाहों ने भाग लिया।
वित्तीय और राजस्व मामलों के लिए वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री वैभव गालरिया और राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव श्री टी. रविकांत उपस्थित रहे। वहीं, कॉर्पोरेट पक्ष से HPCL के निदेशक (विपणन) श्री अमित गर्ग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने शिरकत की। राजस्थान सरकार और HPCL अब मिलकर काम करेंगे ताकि इन रणनीतिक योजनाओं को जल्द से जल्द हकीकत में बदला जा सके और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख राजस्थान सरकार और HPCL के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक की आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए स्वतंत्र रूप से लिखा गया है।
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