ICAI के 'क्षितिज' कार्यक्रम में बोले राज्यपाल हरिभाऊ बागडे: "सीए देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, 'नेशन फर्स्ट' की भावना से करें काम"
जयपुर, 27 जून। राजस्थान के राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (CA) को देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए उनसे 'राष्ट्र प्रथम' (Nation First) की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया है। शनिवार को राजधानी जयपुर के बिड़ला सभागार में 'द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया' (ICAI) द्वारा आयोजित 'क्षितिज' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) जैसे अहम मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
यह विशेष कार्यक्रम '2047 में भारत की उत्कृष्टता' के विजन को ध्यान में रखकर आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम की मुख्य बातें और राज्यपाल का संबोधन:
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पर्यावरण मानकों का ऑडिट (Environmental Audit) है जरूरी: राज्यपाल ने सीए प्रोफेशनल्स से अपील की कि वे केवल आयकर (Income Tax) और जीएसटी (GST) नियमों की पालना कराने तक ही सीमित न रहें। उन्होंने कहा कि आज के दौर में औद्योगिक क्षेत्रों में पर्यावरण मानकों का अंकेक्षण (ऑडिट) करना भी बेहद जरूरी है। इसी सजगता से हम औद्योगिक विकास के साथ-साथ जलवायु परिवर्तन के गंभीर खतरों से राष्ट्र को बचा सकते हैं।
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कठोपनिषद के मंत्र से दी प्रेरणा: श्री बागडे ने ICAI के आदर्श वाक्य 'य एष सुप्तेषु जागर्ति' (यानी, जब सब सोए हुए हों, तब भी जागते रहो) का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कठोपनिषद का यह मंत्र विद्यार्थियों और प्रोफेशनल्स के जीवन का मार्गदर्शक होना चाहिए। उन्होंने युवाओं को भारतीय ज्ञान परंपरा की जड़ों से जुड़कर आधुनिक विकास की राह पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
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सीएसआर (CSR) फंड का सही दिशा में हो उपयोग: कंपनियों के कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) पर बात करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सीए प्रोफेशनल्स व्यावसायिक संगठनों को ऐसे सुझाव दें, जिससे सीएसआर का पैसा समाज के अछूते और जरूरतमंद क्षेत्रों में पहुंचे। विशेष रूप से वंचित वर्ग के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और राष्ट्र विकास के कार्यों में इस फंड का उपयोग सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
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पारदर्शिता और कानून की मर्यादा: राज्यपाल ने सीए की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को नसीहत दी कि वे भविष्य में जीएसटी, फॉरेंसिक ऑडिट या कैपिटल बजटिंग जैसे तमाम कार्यों में हमेशा कानून की मर्यादाओं में रहकर काम करें। काम में पूरी पारदर्शिता रखते हुए राष्ट्र के राजस्व (Revenue) में वृद्धि और देश के विकास में अपना शत-प्रतिशत योगदान दें।
कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने "क्षितिज" नामक स्मारिका का भी विधिवत विमोचन किया।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए राजस्थान सरकार और संबंधित संस्था द्वारा जारी सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।
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