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राजस्थान

कानूनी जागरूकता व पहुंच अभियान को सफल बनाने हेतु शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय दमोह में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न

द्वारा धीरज कुमार अहिरवाल 📅 15 Jul 2023 👁️ 59 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
कानूनी जागरूकता व पहुंच अभियान को सफल बनाने हेतु शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय दमोह में विधिक साक्षरता शिविर सम्पन्न

दमोह: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र.राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार एवं माननीय श्रीमती रेणुका कंचन, प्रिंसिपल जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष महोदय एवं श्री अम्बुज पाण्डेय जिला न्यायाधीश/सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दमोह के मार्गदर्शन में शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय दमोह में बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं और उनके संरक्षण के लिये विधिक साक्षरता एवं पॉक्सो अधिनियम व शिक्षा का अधिकार एवं नशा पीड़ितों को विधिक सेवाएं एवं नशा उन्मूलन के लिये एवं नालसा योजना 2021 विकलांग बच्चों के लिये कानूनी सहायता के संबंध में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। उक्त शिविर में श्रीमती शैफाली सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दमोह, श्रीमती गुंता डांगे, जिला विधिक सहायता अधिकारी, ’’लक्ष्य ए सोसायटी फॉर सोशल इनवायरमेंटल डेवलपमेंट न्यू दिल्ली’’ संस्था से श्री शैलेन्द्र राय प्रोजेक्ट ऑफिसर, शिक्षक श्री आर.पी. पटैल/स्टॉफ सहित छात्र/छात्रायें उपस्थित रहे।

श्रीमती शैफाली सिंह, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दमोह द्वारा अपने उद्बोधन में छात्र-छात्राओं को बताया कि विधिक रूप से साक्षर होना प्रत्येक नागरिक को आवश्यक है इसके अभाव में नागरिक अपराध कर बैठते हैं। उन्होने बाल अपराधों के संबंध में कहा कि दिनो-दिन बालकों के साथ अपराध बढ़ रहे है। बालकों को अपने साथ घटित होने वाले अपराधों को जानना व समझना चाहिये और अपराधी को उचित स्थान पर पहुंचाने के बारे में जानकारी होना आवश्यक है। उन्होने गुड टच और बेड टच के संबंध में भी समझाया साथ ही विधिक सेवा प्राधिकरण का उद्देश्य है कि गरीबों तक न्याय की पहुंच सके। इसके साथ ही आपने उपस्थित छात्र/छात्राओं से कहा कि आप देश का भविष्य है इसलिए आप स्वंय जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करें। उनके द्वारा बाल अपराध होने की दशा में किशोर न्याय बोर्ड में चलने वाली प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी।

श्रीमती गुंता डांगे, जिला विधिक सहायता अधिकारी दमोह द्वारा उपस्थित छात्र/छात्राओं को बाल अपराध के बारे में जानकारी देते हुये बताया गया कि 7 साल से कम आयु के बालक द्वारा किया गया कोई भी आपराधिक कृत्य क्षमायोग्य होता है तथा 7 से 12 वर्ष एवं 7 से 18 वर्ष तक के बालकों द्वारा किये गये आपराधिक कृत्य किस दशा में क्षमा योग्य होंगे तथा किस दशा में किशोर न्याय बोर्ड में मामला विचारित किया जायेगा की जानकारी दी। आपके द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुये बताया गया कि नशे से शारीरिक क्षति होती है, परिवार बिखर जाते हैं, समाज एवं परिवार से दूर हो जाते हैं इसके साथ ही नशे की स्थिति में कई अपराध हो जाते है, इसलिए नशे से दूर रहने की सलाह दी गई। साथ ही आपके द्वारा बाल विवाह एवं शिक्षा के अधिकार के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई एवं श्री आर.पी. पटैल शिक्षक द्वारा उपस्थित छात्र-छात्राओं को अपने जीवन को सही दिशा में ले जाने एवं उद्देश्य से न भटकने हेतु प्रेरित किया गया।
श्री शैलेन्द्र राय प्रोजेक्ट ऑफिसर ’’लक्ष्य ए सोसायटी फॉर सोशल इनवायरमेंटल डेवलपमेंट न्यू दिल्ली’’ द्वारा बताया गया कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम 2016, प्लास्टिक बेस्ट मेनेजमेंट नियम 2016 के तहत बच्चों को कचरा प्रबंधन के विषय में जानकारी प्रदान की गई। गीला कचरा अलग एवं सूखा कचरा अलग करना क्यों जरूरी है पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन, जल संरक्षण के विषय में जानकारी दी गई। सिंगल यूज प्लास्टिक दिनांक 01 जुलाई 2022 से शासन द्वारा प्रतिबंधित है जिसके विषय में जानकारी दी गई। रि-यूज, रिड्यूज एवं रिसाइकिल के बारे में जानकारी प्रदान की। श्री नरेन्द्र मोदी प्रधान मंत्री जी के सपने स्वच्छ भारत मिशन के विषय में बच्चों को अवगत कराया गया।

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संपादक (Editor)

धीरज कुमार अहिरवाल

Dheeraj Kumar Ahirwal Is A Journalist And Madhya Pradesh State Head Of Mission Ki Awaaz.

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