राजस्थान पुलिस का ट्रैफिक महा-अभियान: 27 दिनों में 2.12 लाख वाहनों पर गिरी गाज, काली फिल्म और नंबर प्लेट पर सबसे बड़ा एक्शन
जयपुर: राजस्थान में यातायात नियमों का मखौल उड़ाने वाले और सड़कों पर हुड़दंग मचाने वाले वाहन चालकों के खिलाफ पुलिस ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। प्रदेश भर में 4 जून से 30 जून 2026 तक चले विशेष यातायात प्रवर्तन अभियान के तहत पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 2 लाख 12 हजार से अधिक चालान काटे हैं। सड़क सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के उद्देश्य से चलाए गए इस अभियान में पुलिस के रडार पर सबसे ज्यादा वे गाड़ियां रहीं, जिनके शीशों पर काली फिल्म चढ़ी थी या जिनकी नंबर प्लेट मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों के खिलाफ थी।
इस खबर की मुख्य बातें:
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महा-कार्रवाई: पूरे प्रदेश में 27 दिनों के भीतर 2,12,313 यातायात नियम उल्लंघनों पर कड़ा एक्शन लिया गया।
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काली फिल्म पर प्रहार: अभियान के दौरान 76 हजार से अधिक गाड़ियों के शीशों से अवैध काली फिल्म उतारी गई।
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अंतिम दिन का रिकॉर्ड: 30 जून को अभियान के आखिरी दिन प्रदेशभर में 11,388 चालान काटे गए, जिसमें अजमेर जिला अव्वल रहा।
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भविष्य की चेतावनी: पुलिस मुख्यालय ने साफ कर दिया है कि अभियान खत्म होने के बाद भी नियमों की अनदेखी करने वालों पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति जारी रहेगी।
महानिदेशकों की कड़ी निगरानी में चला 'ऑपरेशन' यह सघन चेकिंग अभियान पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कुमार शर्मा के सख्त निर्देशों और यातायात महानिदेशक अनिल पालीवाल के सीधे पर्यवेक्षण में चलाया गया। यातायात विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) डॉ. बी.एल. मीणा ने पुलिस की इस बड़ी उपलब्धि की जानकारी साझा करते हुए बताया कि इस अभियान का मुख्य मकसद सड़कों पर अनुशासन कायम करना था। अवैध हूटर, मॉडिफाइड साइलेंसर और नियमों के विपरीत चल रहे वाहनों को इस दौरान कड़ा सबक सिखाया गया।
आंकड़ों की जुबानी, पुलिस की कार्रवाई की कहानी पुलिस मुख्यालय से जारी किए गए 27 दिनों के आंकड़ों के अनुसार, सबसे ज्यादा 76,563 मामले गाड़ियों पर काली फिल्म लगाने के पकड़े गए। इसके अलावा:
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अवैध नंबर प्लेट: 52,643 वाहनों पर नियमों के विपरीत नंबर प्लेट और पंजीयन चिन्ह पाए जाने पर कार्रवाई हुई।
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अनाधिकृत शब्द/चिन्ह: 29,902 वाहनों से नियम विरुद्ध लिखे गए शब्द और चिन्ह हटाए गए।
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स्ट्रक्चरल बदलाव (मॉडिफिकेशन): 24,107 ऐसे वाहनों का चालान किया गया जिनकी बॉडी या चेसिस में अवैध रूप से बदलाव किया गया था।
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वीआईपी कल्चर पर रोक: 17,755 गाड़ियों से अनाधिकृत लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और हूटर उतरवाए गए।
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प्रेशर हॉर्न: ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले 11,343 प्रेशर और एयर हॉर्न पर पुलिस का डंडा चला।
आखिरी दिन अजमेर ने मारी बाजी, राजधानी में भी ताबड़तोड़ एक्शन अभियान के अंतिम दिन (30 जून) पुलिस ने पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 11,388 चालान कर नया रिकॉर्ड बनाया। इस दिन 1,098 कार्रवाइयों के साथ अजमेर जिला पूरे राजस्थान में पहले स्थान पर रहा। वहीं राजधानी जयपुर की बात करें तो, जयपुर पश्चिम में 1,084, जयपुर पूर्व में 820, जयपुर ग्रामीण में 551, ट्रैफिक पुलिस द्वारा 227, जयपुर दक्षिण में 51 और जयपुर उत्तर में 33 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
अन्य प्रमुख जिलों में चित्तौड़गढ़ (433), झुंझुनूं (409), कोटपूतली-बहरोड़ (358), जालोर (351) और कोटा शहर (316) में भी पुलिस खासी मुस्तैद नजर आई।
आगे भी जारी रहेगा पुलिस का सख्त पहरा भले ही यह 27 दिवसीय विशेष महा-अभियान 30 जून को संपन्न हो गया है, लेकिन पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों को अब कोई रियायत नहीं मिलेगी। सड़कों पर हुड़दंग करने वाले और अपनी गाड़ियों में अवैध मॉडिफिकेशन कराने वाले चालकों के खिलाफ पुलिस की नियमित चेकिंग और 'जीरो टॉलरेंस' नीति भविष्य में भी बदस्तूर जारी रहेगी।
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