🕒 29 June 2026, Monday
राजस्थान

राजस्थान में धर्मकांटों पर बड़ा एक्शन: 179 संस्थानों से वसूला 4 लाख का जुर्माना, 18 जब्त

राजस्थान में विधिक माप विज्ञान विभाग ने धर्मकांटों (वे-ब्रिज) पर सघन निरीक्षण अभियान चलाया। 179 संस्थानों पर कार्रवाई करते हुए करीब 4 लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। पढ़ें पूरी खबर।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 29 Jun 2026 👁️ 5 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
राजस्थान में धर्मकांटों पर बड़ा एक्शन: 179 संस्थानों से वसूला 4 लाख का जुर्माना, 18 जब्त

राजस्थान में उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और निष्पक्ष व्यापार व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। उपभोक्ता मामलात मंत्री सुमित गोदारा के कड़े निर्देशों के बाद विधिक माप विज्ञान विभाग ने प्रदेशभर में धर्मकांटों (वे-ब्रिज) के खिलाफ 23 से 25 जून तक एक विशेष सघन निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान के तहत भारी अनियमितताएं मिलने पर विभाग ने सख्त कार्रवाई की है।

311 का हुआ निरीक्षण, 179 पर गिरी गाज

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, इस तीन दिवसीय अभियान के दौरान पूरे प्रदेश में कुल 311 धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया गया। इनमें से 179 संस्थानों पर विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं पाई गईं, जिन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 लाख 99 हजार 500 रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा, गंभीर लापरवाही और मानकों की अनदेखी के मामलों में 18 धर्मकांटे जब्त भी किए गए हैं।

निरीक्षण में सामने आई प्रमुख कमियां:

  • 116 मामलों में बिना सत्यापन के ही धर्मकांटे संचालित होते मिले।

  • 98 मामलों में संचालकों ने सत्यापन प्रमाण-पत्र प्रदर्शित नहीं किया था।

  • 48 मामलों में मानक बाट सत्यापित नहीं पाए गए।

  • 27 संस्थानों पर अनिवार्य एक टन का मानक भार (Standard Weight) उपलब्ध नहीं था।

  • 2 मामलों में निर्धारित अधिकतम स्वीकार्य त्रुटि से अधिक वजन पाया गया, जो सीधे तौर पर व्यापारिक लेन-देन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है।

जिलेवार कार्रवाई का ब्यौरा

जुर्माना वसूली के मामले में विभिन्न जिलों से अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं:

  • ब्यावर: सर्वाधिक 34,500 रुपये का जुर्माना।

  • चूरू: 30,000 रुपये का जुर्माना।

  • हनुमानगढ़: 26,000 रुपये का जुर्माना।

  • अलवर: 22,500 रुपये का जुर्माना (यहां सर्वाधिक 9 धर्मकांटे जब्त किए गए)।

  • अजमेर: 18,000 रुपये का जुर्माना।

विभाग की सख्त चेतावनी

विधिक माप विज्ञान विभाग ने स्पष्ट किया है कि व्यापारिक लेन-देन में उपयोग होने वाले सभी धर्मकांटों का समय-समय पर सत्यापन कराना, प्रमाण-पत्र को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना और एक टन का निर्धारित मानक भार उपलब्ध रखना अनिवार्य है। विभाग ने सभी संचालकों से अपील की है कि वे वैधानिक प्रावधानों का पूर्णतः पालन करें, अन्यथा भविष्य में भी अधिनियम और नियमों के तहत ऐसे ही नियमित निरीक्षण कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष: धर्मकांटों पर हुई यह बड़ी कार्रवाई राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसमें व्यापार में पारदर्शिता और उपभोक्ताओं के अधिकारों को सर्वोपरि रखा गया है।

« पिछली ख़बर सीकर: उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने किया डॉ. अंबेडकर की प्... अगली ख़बर » ऐतिहासिक यमुना जल समझौता: शेखावाटी की बुझेगी प्यास, राजस्थान...
🏷️ Tags:
#Dharmkanta Inspection Rajasthan #Weighbridge Action #Sumit Godara #Legal Metrology Department Rajasthan #Jaipur News English #Consumer Affairs Rajasthan
Author
संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

टिप्पणियां (0)

अपनी राय दें

🔔

मिशन की आवाज़

ताज़ा ख़बरों और हर बड़ी अपडेट का अलर्ट सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिए अपनी ईमेल डालें।

नहीं, धन्यवाद / स्किप करें