सीकर: उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने किया डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण, शिक्षा को बताया 'बेड़ियां काटने का जरिया'
राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने रविवार को सीकर जिले के पुरोहित का बास में संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया। इस भव्य कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री ने बाबा साहेब के आदर्शों को आत्मसात करने और उनके बताए समता, स्वतंत्रता, बंधुता और न्याय के सिद्धांतों पर चलने का आह्वान किया।
'शिक्षा ही है बदलाव का सबसे बड़ा हथियार'
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने युवाओं को शिक्षा का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, "जिस समाज के हाथ में किताब आ जाती है, उसकी बेड़ियां अपने आप कट जाती हैं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि बाबा साहेब की प्रतिमा केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए निरंतर प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने सीकर की धरती को वीरों, शहीदों, वैज्ञानिकों और उद्योगपतियों की जन्मभूमि बताते हुए गौरव व्यक्त किया।
100 सीटों वाली लाइब्रेरी की सौगात
क्षेत्र के युवाओं को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से, कार्यक्रम के दौरान ही 100 सीटों वाली आधुनिक लाइब्रेरी के निर्माण के लिए भूमि पूजन भी किया गया। यह लाइब्रेरी स्थानीय विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और ज्ञानार्जन के लिए एक समर्पित स्थान प्रदान करेगी। इस अवसर पर प्रतिभा सम्मान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और क्षेत्र के भामाशाहों को उनके सहयोग के लिए सराहा गया।
गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
इस गरिमामयी कार्यक्रम में प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी, सीकर विधायक राजेंद्र पारीक, खाजूवाला विधायक डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, पूर्व सांसद स्वामी सुमेधानंद सरस्वती, पूर्व विधायक रतनलाल जलधारी और सांगलिया धूनी पीठाधीश्वर ओमदास महाराज सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा द्वारा प्रतिमा अनावरण और लाइब्रेरी के शिलान्यास का यह कार्यक्रम सीकर के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद लेकर आया है। शिक्षा के प्रति इस प्रकार के सकारात्मक कदम निश्चित रूप से समाज को प्रगति के पथ पर आगे ले जाने में सहायक सिद्ध होंगे।
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