जयपुर: 30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित, शिक्षा के लिए 318 करोड़ का दान देने वाले 276 दानदाता सम्मानित
राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में जनसहभागिता और सामाजिक योगदान की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए सोमवार को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में '30वें राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह 2026' का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान देने वाले 276 से अधिक भामाशाहों, प्रेरकों और एनआरआई दानदाताओं को सम्मानित किया गया। इन दानदाताओं ने वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कुल 318 करोड़ रुपये का सहयोग प्रदान किया है। समारोह के दौरान 'भामाशाह प्रशस्ति' पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।
संपत्ति का समाज के लिए समर्पण ही असली सौंदर्य: डिप्टी सीएम
समारोह को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि यह दिन केवल सम्मान का नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और आत्मा के उत्सव का दिन है। उन्होंने कहा, "सम्पत्ति का सबसे बड़ा सौन्दर्य उसका समाज के लिए समर्पण है।" राजस्थान को वीरों और दानवीरों की धरती बताते हुए उन्होंने कहा कि धन कमाना योग्यता हो सकती है, लेकिन उसका समाज के लिए उपयोग करना महानता का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब राजस्थान की पहचान केवल किलों से नहीं, बल्कि हमारे विद्यालयों और बालिकाओं की प्रगति से भी होगी।
भामाशाहों के लिए बनेगी विशेष सेल: शिक्षा मंत्री
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने महाराणा प्रताप और भामाशाह के ऐतिहासिक त्याग को याद करते हुए दानदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विशेष रूप से भामाशाह पूनम चंद राठी का धन्यवाद किया, जिनके सहयोग से बीकानेर के जयमलसर में राजकीय बालिका सैन्य विद्यालय का निर्माण हो रहा है।
शिक्षा मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा:
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भामाशाहों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए विभाग में एक विशेष सेल का गठन किया जा रहा है, जो पूरी पारदर्शिता के साथ काम करेगी।
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विद्यालय की प्रबंधन समिति (SMC) में अब भामाशाहों के दो प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।
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उन्होंने आश्वासन दिया कि दानदाताओं द्वारा दी गई राशि का पाई-पाई शिक्षा के विकास में ही उपयोग होगा।
शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पारदर्शी प्रक्रिया
शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने मुख्यमंत्री विद्यादान कोष और ज्ञान संकल्प पोर्टल का उल्लेख करते हुए बताया कि भामाशाहों के लिए सहयोग की पूरी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है। कार्यक्रम में मिड डे मील आयुक्त विश्वमोहन शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक डॉ. रश्मि शर्मा सहित शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
किसे मिला कौन सा सम्मान?
प्रदेश के राजकीय विद्यालयों में नए भवन निर्माण, भौतिक संसाधनों की उपलब्धता और भूमि दान जैसे पुनीत कार्यों के लिए इन दानदाताओं को सम्मानित किया गया:
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शिक्षा विभूषण: 49 भामाशाहों को
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शिक्षा भूषण: 105 भामाशाहों को
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प्रेरक सम्मान: 99 प्रेरकों को
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एनआरआई दानदाता: 23 अप्रवासी भारतीयों (NRI) को भी इस समारोह में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
निष्कर्ष: 30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान का समाज शिक्षा के प्रति कितना जागरूक और समर्पित है। 318 करोड़ रुपये का यह विशाल योगदान प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा बदलने में मील का पत्थर साबित होगा।
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