ऐतिहासिक यमुना जल समझौता: शेखावाटी की बुझेगी प्यास, राजस्थान और हरियाणा के बीच हुआ अहम करार
राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र (चूरू, सीकर, झुंझुनूं) के लिए 29 जून 2026 का दिन ऐतिहासिक रहा। दशकों से पानी की किल्लत झेल रहे इस क्षेत्र में यमुना का पानी लाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में यमुना जल परियोजना को लेकर राजस्थान और हरियाणा के बीच मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (MoA) पर हस्ताक्षर किए गए।
34,102 करोड़ की परियोजना, 295 किमी लंबी बिछेगी पाइपलाइन
इस वृहद जल परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 34,102 करोड़ रुपये है। समझौते के तहत, हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के चूरू जिले स्थित हंसियावास जलाशय तक 295.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत पाइपलाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना में तीन अंडरग्राउंड पाइपलाइनें, एक निरीक्षण सड़क, कृत्रिम जलाशय और एक आधुनिक जल प्रबंधन प्रणाली विकसित की जाएगी।
राजस्थान सरकार द्वारा इस परियोजना की विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) पहले ही केंद्रीय जल आयोग को भेजी जा चुकी है। वहीं, हरियाणा सरकार ने पाइपलाइन अलाइनमेंट को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। निर्माण और सुचारू संचालन के लिए 'राजस्थान हरियाणा यमुना वाटर एसपीवी (SPV)' का गठन भी किया जाएगा।
सहकारी संघवाद का बेहतरीन उदाहरण: अमित शाह
MoA पर हस्ताक्षर के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सहकारी संघवाद' के मंत्र का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि इस समझौते से राजस्थान और हरियाणा की लगभग तीन दशक पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। शाह ने जोर देकर कहा कि इस समझौते में लागत साझाकरण, जल आवंटन और रखरखाव के लिए वैज्ञानिक रूप से परिपूर्ण निगरानी तंत्र तैयार किया गया है, जो इसे आने वाले दशकों के लिए विवाद-मुक्त बनाए रखेगा।
'डबल इंजन' सरकार से संभव हुई यह उपलब्धि: सीएम भजनलाल शर्मा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस ऐतिहासिक समझौते के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि 1994 में हुए ऊपरी यमुना बेसिन समझौते के बावजूद, प्रवाह प्रणाली न होने के कारण राजस्थान अपने हिस्से के 1917 क्यूसेक पानी का उपयोग नहीं कर पा रहा था।
सीएम शर्मा ने इसे डबल इंजन सरकार की ताकत बताते हुए कहा, "डबल इंजन का अर्थ है बिना विलंब निर्णय और बिना बाधा क्रियान्वयन।" उन्होंने बताया कि इस पाइपलाइन से केवल शेखावाटी ही नहीं, बल्कि हरियाणा के भी 10 स्थानों को पेयजल मिलेगा और हंसियावास जलाशय का लाभ हरियाणा के निवासियों को भी होगा।
हरियाणा देगा पूर्ण सहयोग: नायब सिंह सैनी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस परियोजना में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बारिश के अतिरिक्त जल को पाइपलाइन के माध्यम से राजस्थान ले जाया जाएगा। हर व्यक्ति तक शुद्ध पानी पहुंचाना सामूहिक जिम्मेदारी है।
हस्ताक्षरकर्ता: इस ऐतिहासिक एमओए पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
निष्कर्ष: यमुना जल समझौता अंतरराज्यीय जल विवादों को सुलझाने और संसाधन प्रबंधन का एक आदर्श मॉडल बनकर उभरा है। इसके मूर्तरूप लेने से राजस्थान के सूखे शेखावाटी अंचल में पेयजल सुरक्षा सुनिश्चित होगी और भविष्य में सिंचाई सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
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