राजस्थान ग्रामीण विकास: पेयजल संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर बड़ा अभियान; चौथे शनिवार को ५७५ टीमों ने गांवों में किया सुधार, २,६८७ शिकायतें दूर
जयपुर | 17 मई 2026
राजस्थान के ग्रामीण अंचलों में भीषण गर्मी के मौसम के दौरान सुचारू और निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने अपनी प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विशेष निर्देशों के बाद जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) द्वारा चलाए जा रहे राजव्यापी विशेष पेयजल अभियान के तहत शनिवार को चौथे चरण का औचक निरीक्षण और मरम्मत कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
ग्रामीण जल प्रबंधन के ढांचे को मजबूत और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया यह विशेष अभियान आगामी 30 जून 2026 तक प्रदेशभर में प्रत्येक शनिवार को निरंतर संचालित किया जाएगा। इसका मुख्य लक्ष्य गर्मियों में ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल की पहुंच को बिना किसी रुकावट के बनाए रखना है।
जमीनी स्तर पर त्वरित मरम्मत और ढांचागत सुधार
विभागीय अधिकारियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, शनिवार को आयोजित हुए इस चौथे राज्य स्तरीय अभियान के दौरान तकनीकी और प्रशासनिक टीमों ने व्यापक स्तर पर निम्नलिखित सुधारात्मक कार्य किए:
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५७५ विशेष टीमों का फील्ड निरीक्षण: ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की वास्तविक स्थिति और तकनीकी खामियों का ऑन-द-स्पॉट जायजा लेने के लिए पूरे प्रदेश में 575 विशेष टीमों का गठन किया गया, जिन्होंने गांव-गांव जाकर पेयजल परियोजनाओं का भौतिक सत्यापन किया।
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हैंडपंपों का पुनरुद्धार: गर्मी के समय भूजल स्रोतों की महत्ता को देखते हुए बंद और खराब पड़े 662 हैंडपंपों की यांत्रिक कमियों को दूर कर उन्हें दोबारा चालू किया गया।
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पाइपलाइन मरम्मत और लीकेज रोकथाम: जल अपव्यय (Water Wastage) को रोकने और अंतिम छोर तक पानी का दबाव बनाए रखने के लिए विभिन्न मुख्य और वितरण लाइनों में आए 475 पाइपलाइन लीकेज को पूरी तरह दुरुस्त किया गया।
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अन्य सुधारात्मक कार्य: इन मुख्य कार्यों के अतिरिक्त, ग्रामीण जल योजनाओं के सुदृढ़ीकरण से जुड़े 1,598 अन्य तकनीकी सुधार कार्य भी रिकॉर्ड समय में पूरे किए गए।
मौके पर ही २,६८७ जन-शिकायतों का त्वरित निस्तारण
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता इसका जन-केंद्रित और त्वरित समाधान (Grievance Redressal) मॉडल रहा। फील्ड में तैनात तकनीकी टीमों ने आपसी समन्वय के जरिए पानी के कम दबाव, दूषित आपूर्ति या वाल्व की खराबी से जुड़ी कुल 2,687 स्थानीय शिकायतों का मौके पर ही अंतिम निस्तारण किया। प्रशासनिक जवाबदेही के इस त्वरित कदम से ग्रामीण क्षेत्रों में काफी संतोष देखा गया।
यह विशेष अभियान राज्य प्रशासन में एक नई 'एक्शन ओरिएंटेड' कार्यसंस्कृति को दर्शाता है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण बुनियादी ढांचे, विशेषकर हर घर जल और आपातकालीन जल प्रबंधन को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल कर दीर्घकालिक जल सुरक्षा की ओर कदम बढ़ा रही है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह विकास और जनहित संबंधी समाचार रिपोर्ट सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए तैयार की गई है। इसमें शामिल सांख्यिकी आंकड़े, टीमों की संख्या और सुधारात्मक कार्य 17 मई 2026 को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED), राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक प्रगति रिपोर्ट और प्रशासनिक बयानों पर आधारित हैं। आगामी शनिवारों के अभियान शेड्यूल, जिलावार नोडल अधिकारियों की सूची या अपनी ग्राम पंचायत में पेयजल शिकायत दर्ज कराने की आधिकारिक प्रक्रिया के लिए राजस्थान सरकार के संपर्क पोर्टल (181) या पीएचईडी के अधिकृत विभागीय डिजिटल प्लेटफॉर्म का अवलोकन करें।
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