आज का पंचांग 22 जून 2026: ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी पर धूमावती जयंती आज, जानें राहुकाल, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति
सोमवार, 22 जून 2026 का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि है, जो मुख्य रूप से भगवान शिव और आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना के लिए समर्पित है। आज के दिन धूमावती जयंती, मासिक दुर्गाष्टमी और वृषभ व्रत का पावन संयोग बन रहा है। यदि आप आज कोई नया व्यापार, मांगलिक कार्य या विशेष यात्रा शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले पंचांग के शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय अवश्य जान लेना चाहिए।
इस खबर की मुख्य बातें:
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तिथि व व्रत: आज ज्येष्ठ शुक्ल अष्टमी तिथि है (दोपहर 03:40 बजे तक), इसके साथ ही मासिक दुर्गाष्टमी व धूमावती जयंती मनाई जा रही है।
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शुभ मुहूर्त: शुभ कार्यों के लिए 'अभिजीत मुहूर्त' दोपहर 12:02 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक रहेगा।
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अशुभ काल: सुबह 07:26 बजे से 09:07 बजे तक 'राहुकाल' रहेगा, इस दौरान किसी भी नए कार्य की शुरुआत करने से बचें।
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ग्रह स्थिति: आज चंद्रमा कन्या राशि में और सूर्य मिथुन राशि में गोचर कर रहे हैं।
आज के ग्रह, नक्षत्र और योग (22 जून 2026) पंचांग गणना के अनुसार, आज सुबह 10:22 बजे तक 'उत्तर फाल्गुनी' नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जिसके बाद 'हस्त' नक्षत्र की शुरुआत होगी। वहीं, सुबह 10:30 बजे तक 'व्यतीपात योग' रहेगा और उसके बाद 'वरीयान योग' लग जाएगा। व्यतीपात योग को ज्योतिष शास्त्र में बहुत शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए दिन के शुरुआती प्रहर में महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय या विवादों से बचने में सावधानी बरतनी चाहिए।
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
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सूर्योदय: सुबह 05:24 बजे के करीब
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सूर्यास्त: शाम 07:22 बजे के करीब
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चंद्रोदय: दोपहर 12:49 बजे
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चंद्रास्त: देर रात 12:47 बजे (अगले दिन)
आज के शुभ मुहूर्त (शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय) हिन्दू पंचांग में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए कुछ विशेष कालखंड निर्धारित किए गए हैं:
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:10 बजे से 04:58 बजे तक (ध्यान और पूजा के लिए सबसे उत्तम समय)
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अमृत काल: सुबह 05:30 बजे से 07:12 बजे तक
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:02 बजे से 12:55 बजे तक
आज के अशुभ मुहूर्त (इस दौरान रखें सावधानी) ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, अशुभ काल में नए सौदे, यात्रा या मांगलिक कार्यों की शुरुआत नहीं करनी चाहिए:
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राहुकाल: सुबह 07:26 बजे से 09:07 बजे तक
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यमगंड काल: सुबह 10:48 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक
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गुलिक काल: दोपहर 02:09 बजे से 03:50 बजे तक
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दुर्मुहूर्त काल: दोपहर 12:55 बजे से 01:49 बजे तक और पुनः दोपहर 03:36 बजे से 04:30 बजे तक।
आज के लिए विशेष ज्योतिषीय उपाय और सलाह सोमवार का दिन भगवान शिव का होता है, और अष्टमी तिथि होने के कारण आज मां दुर्गा की पूजा का भी विशेष फल प्राप्त होता है। आज के दिन शिवलिंग पर जलाभिषेक करना और मां दुर्गा या हनुमान जी की आराधना करना मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करेगा। बौद्धिक और रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों के लिए आज का दिन सफलता दिलाने वाला साबित हो सकता है।
Disclaimer (अस्वीकरण): इस लेख में दी गई पंचांग से जुड़ी जानकारी सामान्य ज्योतिषीय गणनाओं, मान्यताओं और पंचांग आधारित स्रोतों (जैसे उज्जैन/दिल्ली समयानुसार) पर आधारित है। शहरों के भौगोलिक अंतर के कारण सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल के समय में कुछ मिनटों का बदलाव संभव है। किसी भी बड़े शुभ कार्य की शुरुआत के लिए अपने स्थानीय पंचांग या किसी योग्य ज्योतिषाचार्य से परामर्श अवश्य लें।
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