पल्स पोलियो अभियान: सीएम भजनलाल शर्मा ने बच्चों को पिलाई दवा, राजस्थान में 1.04 करोड़ नौनिहालों को मिलेगी खुराक
राजस्थान में नौनिहालों को पोलियो के खतरे से सुरक्षित रखने के लिए 'राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान' का रविवार को विधिवत आगाज हो गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजधानी जयपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास पर छोटे बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाकर इस महाभियान की शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने आमजन और अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच साल तक के बच्चों को नजदीकी बूथ पर ले जाकर यह जीवन रक्षक खुराक जरूर पिलाएं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से बचाव का एकमात्र कारगर उपाय समय पर टीकाकरण ही है। इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य पर भारी पड़ सकती है। इस दौरान सीएम ने बच्चों को दवा पिलाने के बाद चॉकलेट भी बांटी, जिससे उनके चेहरों पर मुस्कान नजर आई।
पोस्टर लॉन्च और स्वास्थ्य विभाग को सख्त निर्देश
अभियान की शुरुआत के अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जागरूकता संदेश देते हुए 'दो बूंद हर बार पोलियो पर जीत रहे बरकरार' थीम वाले पोस्टर का विमोचन भी किया। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राज्य का एक भी पात्र बच्चा इस दवा से वंचित नहीं रहना चाहिए। अभियान के पहले दिन (28 जून) को बूथों पर और अगले दो दिन स्वास्थ्यकर्मियों की टीमें घर-घर जाकर यह खुराक पिलाएंगी।
प्रदेशभर में 1.04 करोड़ बच्चों को मिलेगी खुराक
राजस्थान में 28 जून से 30 जून तक चलने वाले इस तीन दिवसीय अभियान के तहत करीब 1.04 करोड़ बच्चों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इस वृहद स्तर के अभियान को सफल बनाने के लिए पूरे प्रदेश में 59 हजार 217 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। साथ ही, 75 हजार 232 विशेष टीमों का गठन किया गया है। यात्रा करने वाले और घुमंतू परिवारों के बच्चों तक पहुंचने के लिए 7 हजार 11 ट्रांजिट टीमें और 9 हजार 4 मोबाइल टीमें भी लगातार सक्रिय रहेंगी।
15 वर्षों से भारत में पोलियो का कोई नया मामला नहीं
गौरतलब है कि देश में पिछले 15 वर्षों से पोलियो का कोई भी नया केस सामने नहीं आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 27 मार्च 2014 को ही भारत को आधिकारिक तौर पर पल्स पोलियो मुक्त देश घोषित कर प्रमाण-पत्र सौंप दिया था। अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव अखिल अरोड़ा और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और बच्चों के अभिभावक मौजूद रहे।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ प्रदेश के बच्चों के सुरक्षित स्वास्थ्य की दिशा में एक अहम कदम है। स्वास्थ्य विभाग की व्यापक तैयारियों और आमजन की सक्रिय भागीदारी से ही यह सुनिश्चित हो सकेगा कि राजस्थान का हर नौनिहाल पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से पूरी तरह महफूज रहे।
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