बालोतरा: स्वच्छता के रंग में रंगे प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत, पीएम मोदी के आगमन से पहले चलाया महा-सफाई अभियान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 4 जुलाई को बालोतरा आगमन और राजस्थान रिफाइनरी के बहुप्रतीक्षित शुभारंभ कार्यक्रम को लेकर पूरे जिले में उत्साह का माहौल है। इसी कड़ी में, शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। रविवार को इस अभियान के दूसरे दिन प्रभारी मंत्री श्री जोराराम कुमावत और प्रभारी सचिव श्री हरजीलाल अटल ने स्वयं श्रमदान कर आमजन के लिए स्वच्छता का एक बड़ा संदेश पेश किया।
गुलाब सर्कल से बस स्टैंड तक सफाई अभियान
पचपदरा के गुलाब सर्कल क्षेत्र में आयोजित श्रमदान कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री जोराराम कुमावत और प्रभारी सचिव हरजीलाल अटल ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर खुद झाड़ू लगाई। उनके साथ पचपदरा विधायक डॉ. अरूण चौधरी, राजस्थान रिफाइनरी के सीईओ श्री कमलाकर और अन्य प्रमुख हस्तियों ने गुलाब सर्कल से बस स्टैंड मार्ग तक पैदल चलकर सफाई की। इस दौरान सेठ गुलाब चंद सालेचा की प्रतिमा को भी जल से स्वच्छ किया गया।
अतिक्रमण हटाओ और स्वच्छता का जनआंदोलन
सफाई अभियान के साथ ही प्रशासन ने यातायात को सुगम बनाने के लिए सड़कों के किनारे बने अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई भी की। मंत्री जोराराम कुमावत ने नागरिकों से अपील की कि वे स्वच्छता को केवल एक सरकारी अभियान न मानकर इसे अपनी दैनिक आदत बनाएं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू किया गया स्वच्छता अभियान अब एक देशव्यापी जनआंदोलन बन चुका है, जो 'विकसित भारत' के सपने को साकार करने में एक अनिवार्य आधार है।
राजस्थान रिफाइनरी: विकास की नई राह
प्रभारी मंत्री ने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी का राष्ट्र को समर्पण राजस्थान के औद्योगिक और आर्थिक परिदृश्य को पूरी तरह बदल देगा। इससे क्षेत्र में नए निवेश आएंगे और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक द्वार खुलेंगे। उन्होंने इस गौरवमयी अवसर के लिए शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की बताई।
निष्कर्ष: बालोतरा में प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता का यह सामूहिक प्रयास न केवल प्रधानमंत्री के आगमन के लिए शहर को तैयार कर रहा है, बल्कि स्वच्छता के प्रति एक बड़ी जागरूकता भी फैला रहा है। इस तरह के आयोजनों से सार्वजनिक स्थलों के प्रति नागरिकों में जिम्मेदारी की भावना और भी मजबूत होती है।
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