जयपुर: मुख्य सचिव ने किया राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) का निरीक्षण, साइबर फ्रॉड पीड़ितों से की सीधी बात
जयपुर। राजस्थान में आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण और सुशासन को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। इसी कड़ी में शुक्रवार, 26 जून को मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने राजस्थान संपर्क पोर्टल (181) कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने 'राजस्थान संपर्क 2.0' के तहत किए जा रहे तकनीकी बदलावों की गहन समीक्षा की और सिस्टम को अधिक स्मार्ट व प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल पर जोर दिया।
इस खबर की मुख्य बातें:
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सीधा संवाद: मुख्य सचिव ने साइबर फ्रॉड के शिकार नागरिकों से फोन पर बात कर उनकी समस्याओं और समाधान की स्थिति जानी।
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केंद्र का दौरा: पोर्टल की कार्यप्रणाली को देखने के लिए 30 जून को केंद्र सरकार के सचिवों का दल जयपुर आएगा।
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राष्ट्रीय पहचान: राजस्थान संपर्क पोर्टल को नेशनल काउंसिल ऑफ ई-गवर्नेंस (NCG) के तहत देश के 'बेहतरीन गवर्नेंस मॉडल' के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा।
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AI का उपयोग: शिकायतों के वर्गीकरण, रूट कॉज एनालिसिस और रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल होगा।
साइबर फ्रॉड पीड़ितों से की बात, दिए त्वरित राहत के निर्देश
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव श्री श्रीनिवास ने एक संवेदनशील पहल करते हुए साइबर ठगी का शिकार हुए नागरिकों से सीधे बात की। उन्होंने पीड़ितों से पूछा कि उनकी शिकायतों पर विभागों द्वारा क्या कार्रवाई की गई है और उन्हें क्या सहायता मिली है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' पर रखा जाए। उन्होंने पीड़ितों को जल्द से जल्द राहत पहुंचाने और संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के सख्त निर्देश दिए।
राष्ट्रीय स्तर पर चमकेगा राजस्थान का ई-गवर्नेंस मॉडल
बैठक में जानकारी दी गई कि राजस्थान संपर्क पोर्टल की सफलता, इसके नवाचारों और तकनीकी कार्यप्रणाली का अध्ययन करने के लिए आगामी 30 जून को केंद्र सरकार के सचिवों का एक विशेष दल दौरा करेगा। मुख्य सचिव ने इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 'राजस्थान संपर्क 2.0' को राष्ट्रीय स्तर पर 'नेशनल काउंसिल ऑफ ई-गवर्नेंस' (NCG) के मंच पर एक बेहतरीन और अनुकरणीय गवर्नेंस मॉडल के रूप में शोकेस किया जाएगा।
AI से लैस होगी शिकायत निवारण प्रणाली
भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए तकनीक के उन्नयन पर जोर देते हुए श्री श्रीनिवास ने कहा कि भ्रष्टाचार, साइबर अपराध और महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की विस्तृत मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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आमजन की शिकायतों को छांटने (वर्गीकरण) और उनके मूल कारण (रूट कॉज एनालिसिस) का पता लगाने के लिए आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग किया जाए।
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शिकायतों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को मजबूत किया जाए ताकि सिस्टम ज्यादा नागरिक-केंद्रित बन सके।
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कॉल सेंटर कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाने के लिए उन्हें नई तकनीकों का नियमित प्रशिक्षण दिया जाए।
सुशासन का मानक है नागरिकों की संतुष्टि बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शिकायत निवारण व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सबसे अहम है। उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने और उनकी संतुष्टि के स्तर की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उनका मानना है कि शासन की सफलता का सबसे बड़ा पैमाना आम नागरिक की संतुष्टि है।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूचना और प्रेस नोट के आधार पर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य पाठकों तक सटीक, तथ्यपरक और विश्लेषणात्मक जानकारी पहुंचाना है।
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