भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट की 'सुपर-50' पहल: प्रतिभावान विद्यार्थियों को मिलेगी मुफ्त कोचिंग और 3 लाख की सहायता
जयपुर/बीकानेर: आर्थिक तंगी या संसाधनों के अभाव के कारण अब बीकानेर के होनहार छात्रों का भविष्य नहीं रुकेगा। जिले के 50 प्रतिभावान और जरूरतमंद युवाओं को उनके करियर में आगे बढ़ाने के लिए भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट ने 'सुपर-50' कार्यक्रम शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है। इस योजना के तहत प्रत्येक चयनित विद्यार्थी के सपनों को साकार करने के लिए तीन लाख रुपये का निवेश किया जाएगा।
शुक्रवार को बीकानेर के महाराजा गंगा सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित करियर काउंसलिंग कार्यक्रम में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में इस महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की।
क्या है 'सुपर-50' कार्यक्रम?
इस पहल का मुख्य उद्देश्य होनहार विद्यार्थियों को करियर चयन में उचित मार्गदर्शन, संसाधन और वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना है।
-
चयन प्रक्रिया: एक विशेष कमेटी द्वारा योग्यता के आधार पर विद्यार्थियों का चयन किया जाएगा।
-
पात्रता: 10वीं और 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके छात्र इस योजना का लाभ उठा सकेंगे।
-
तैयारी: चयनित 'सुपर-50' विद्यार्थियों को NEET, UPSC सहित देश की अन्य शीर्ष स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाई जाएगी।
-
आर्थिक सहयोग: करियर निर्माण के लिए प्रत्येक बच्चे पर 3 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे (योजना का कुल बजट 1.5 करोड़ रुपये है)। केंद्रीय मंत्री ने आश्वासन दिया है कि यदि प्रतिभाशाली छात्रों की संख्या बढ़ती है, तो योजना का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।
दीपावली पर लगेगा वृहद रोजगार मेला
केंद्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने युवाओं के लिए एक और बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि दीपावली के आसपास एक विशाल करियर और रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा।
-
इस मेले के माध्यम से 2000 से अधिक युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर मुहैया करवाए जाएंगे।
-
उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वे केवल सरकारी नौकरियों तक सीमित न रहें, बल्कि आज के दौर में मौजूद करियर के अन्य बेहतरीन और आधुनिक विकल्पों की ओर भी कदम बढ़ाएं।
शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर जोर
कार्यक्रम में श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री रामगोपाल सुथार ने भी युवाओं को संबोधित किया। उन्होंने छात्रों को असफलता से घबराने के बजाय उसे एक चुनौती के रूप में लेने की सलाह दी। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज के समय में किताबी शिक्षा के साथ-साथ 'कौशल क्षमता' (Skill Development) को बढ़ाना भी बेहद जरूरी है।
विद्यार्थियों को मिला प्रोत्साहन: कार्यक्रम में पंजीकृत प्रत्येक विद्यार्थी का उत्साहवर्धन करने के लिए उन्हें भेंट स्वरूप:
-
प्रमाण पत्र और एक डिक्शनरी दी गई।
-
प्रोत्साहन के तौर पर 500 रुपये की राशि प्रदान की गई। श्री मेघवाल ने बच्चों से इस राशि का उपयोग अपने लिए ज्ञानवर्धक पुस्तकें खरीदने में करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की अन्य प्रमुख झलकियां
-
नशा मुक्ति का संकल्प: अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने उपस्थित सभी लोगों को आजीवन नशा छोड़ने और समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए प्रेरित करने की शपथ दिलाई।
-
व्यक्तिगत मार्गदर्शन: मंत्री श्री मेघवाल ने मंच से उतरकर बच्चों के बीच जाकर उनके सवालों के जवाब दिए और करियर संबंधी शंकाओं का समाधान किया।
-
काउंसलिंग वैन: कार्यक्रम स्थल पर बीकाजी के सहयोग से निर्विकल्प फाउंडेशन द्वारा एक 'करियर काउंसलिंग वैन' भी संचालित की गई, जिसने युवाओं का मार्गदर्शन किया।
-
श्रद्धांजलि: कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर और सुश्री भावना मेघवाल के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर की गई।
भावना मेघवाल मेमोरियल ट्रस्ट द्वारा लगातार दूसरे वर्ष इस शानदार करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया है, जो बीकानेर के युवाओं को सफलता के मार्ग पर ले जाने के लिए एक मजबूत सेतु का कार्य कर रहा है।
टिप्पणियां (0)
अपनी राय दें