जयपुर में 29 जून को 30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह: सीएम भजनलाल शर्मा 276 शिक्षा दानदाताओं को करेंगे सम्मानित
जयपुर। राजस्थान में शिक्षा के क्षेत्र में निस्वार्थ भाव से योगदान देने वाले दानदाताओं के प्रति आभार व्यक्त करने की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार एक भव्य आयोजन करने जा रही है। आगामी 29 जून 2026 (सोमवार) को राजधानी जयपुर स्थित बिड़ला ऑडिटोरियम में '30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह-2026' का आयोजन किया जाएगा। इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा उन दानदाताओं को सम्मानित करेंगे जिन्होंने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की दशा और दिशा सुधारने में अपना अहम योगदान दिया है।
समारोह के मुख्य अतिथि और अध्यक्षता
इस राज्य स्तरीय समारोह में प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी:
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मुख्य अतिथि: राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और दानदाताओं का सम्मान करेंगे।
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अध्यक्षता: कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री मदन दिलावर करेंगे।
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विशिष्ट अतिथि: उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित रहेंगे।
318 करोड़ का ऐतिहासिक सहयोग: 276 दानदाता होंगे सम्मानित
सरकारी स्कूलों में भौतिक संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए भामाशाहों ने दिल खोलकर दान दिया है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इन दानदाताओं के सहयोग से शिक्षा के क्षेत्र में 318 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आर्थिक और भौतिक योगदान प्राप्त हुआ है।
इस वर्ष के समारोह में कुल 276 से अधिक लोगों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने राजकीय विद्यालयों में भवन निर्माण, भूमि आवंटन और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार में अपना सहयोग दिया है। इनमें शामिल हैं:
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154 भामाशाह (मुख्य दानदाता)
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99 प्रेरक (दान के लिए प्रेरित करने वाले व्यक्ति)
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23 एनआरआई दानदाता (प्रवासी भारतीय जिन्होंने अपनी जड़ों से जुड़कर शिक्षा में सहयोग किया)
जनसहभागिता से सुदृढ़ हो रही शिक्षा व्यवस्था
राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह का मुख्य उद्देश्य केवल सम्मान देना नहीं है, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति सहभागिता और उत्तरदायित्व की भावना को प्रोत्साहित करना है। भामाशाहों के इस पुनीत कार्य से राज्य के सरकारी विद्यालयों में आधारभूत ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। इससे न केवल स्कूलों का कायाकल्प हुआ है, बल्कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए एक आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण भी मिल रहा है। सरकार का मानना है कि इस आयोजन से समाज में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और भविष्य में जनसहयोग की भावना और अधिक सशक्त होगी।
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