शिक्षा के क्षेत्र में 318 करोड़ का महादान: 29 जून को जयपुर में 154 भामाशाह और 97 प्रेरक होंगे सम्मानित, जानें किसे मिलेगा 'शिक्षा विभूषण'
जयपुर: राजस्थान की माटी हमेशा से अपने त्याग और दानवीरता के लिए जानी जाती है। इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, प्रदेश के सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने वाले दानदाताओं का एक बार फिर भव्य सम्मान होने जा रहा है। शिक्षा विभाग की ओर से आगामी 29 जून 2026 को जयपुर के बिड़ला ऑडिटोरियम में '30वां राज्य स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह' आयोजित किया जाएगा।
इस वर्ष का यह समारोह बेहद खास है क्योंकि शिक्षा के क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए भामाशाहों (दानदाताओं) ने दिल खोलकर 318 करोड़ रुपए का एतिहासिक सहयोग दिया है। इस भव्य आयोजन में 154 भामाशाहों और उन्हें दान के लिए प्रेरित करने वाले 97 प्रेरकों को राज्य सरकार द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कैसे हुआ इन भामाशाहों का चयन?
प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने जानकारी देते हुए बताया कि यह सम्मान उन दानदाताओं को दिया जा रहा है जिन्होंने राजकीय विद्यालयों के भवन निर्माण, अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण, भूमि दान या अन्य भौतिक सुख-सुविधाएं उपलब्ध करवाने में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए 'ज्ञान संकल्प पोर्टल' के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे, जिनमें से तय मापदंडों के आधार पर अंतिम सूची तैयार की गई है।
किसे मिलेगा कौन सा सम्मान? (सम्मान की श्रेणियां)
राज्य स्तरीय समारोह में दान की राशि के आधार पर भामाशाहों को दो प्रमुख श्रेणियों में नवाजा जाएगा:
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शिक्षा विभूषण (49 दानदाता): इस सर्वोच्च सम्मान से उन 49 भामाशाहों को अलंकृत किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा के लिए 1 करोड़ रुपए या उससे अधिक की विशाल राशि का सहयोग दिया है।
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शिक्षा भूषण (105 दानदाता): यह सम्मान उन 105 दानदाताओं को मिलेगा, जिनका योगदान 30 लाख रुपए से लेकर 1 करोड़ रुपए के बीच रहा है।
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प्रेरक सम्मान (97 प्रेरक): समाज में दानवीरता की अलख जगाने वाले उन 97 प्रेरकों का भी सम्मान होगा, जिन्होंने भामाशाहों को 50 लाख रुपए या उससे अधिक के दान के लिए प्रेरित किया।
दान का सफर: 1995 से अब तक का एतिहासिक योगदान
आंकड़ों पर गौर करें तो सत्र 2025-26 में शिक्षा विभाग को 318 करोड़ रुपए का बंपर सहयोग प्राप्त हुआ है। शिक्षा निदेशक के अनुसार, भामाशाह सम्मान की यह अनूठी पहल वर्ष 1995 में शुरू की गई थी। पिछले 29वें समारोह तक प्रदेश के कुल 2,331 भामाशाहों ने शिक्षा के लिए 1155.48 करोड़ रुपए का भारी-भरकम सहयोग देकर एक मिसाल कायम की है।
जिलों में भी गूंजेगी दानवीरों की जयकार
29 जून का दिन पूरे प्रदेश के लिए 'दानवीरता' का दिन होगा। राज्य स्तरीय समारोह के साथ-साथ सभी जिलों में 'जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह' भी आयोजित किए जाएंगे। जिला स्तर पर उन दानदाताओं का सम्मान किया जाएगा जिन्होंने 1 लाख रुपए से लेकर 29 लाख 99 हजार 999 रुपए तक का योगदान दिया है। साथ ही, 5 लाख से 49 लाख 99 हजार 999 रुपए तक का दान दिलवाने वाले प्रेरकों को भी जिला स्तर पर सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया जाएगा।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा जारी आधिकारिक सूचना और प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। लेख का उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में दिए गए योगदान के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है। आधिकारिक आंकड़ों और आयोजन के विवरण में किसी भी बदलाव के लिए शिक्षा विभाग की वेबसाइट या ज्ञान संकल्प पोर्टल मान्य होगा।
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