अलवर जनसुनवाई: वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने सुनीं 650 से अधिक फरियादें; बदसलूकी करने वाले होमगार्ड को हटाने के निर्देश, कोचिंग संस्थानों को 15 दिन की राहत
अलवर। आमजन की मूलभूत समस्याओं का मौके पर ही त्वरित समाधान कर उन्हें तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के सुशासन के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए पर्यावरण एवं वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संजय शर्मा ने गुरुवार, 25 जून 2026 को अलवर सर्किट हाउस में एक विशाल जनसुनवाई का आयोजन किया। इस जनसुनवाई में पूरे जिले से आए 650 से अधिक फरियादियों ने मंत्री के समक्ष अपनी विभिन्न परिवेदनाएं और शिकायतें प्रस्तुत कीं, जिनमें से अधिकांश मामले राजकीय कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण (तबादलों) से जुड़े पाए गए। इसके अलावा पानी, बिजली, सड़क और प्रशासनिक ढिलाई से जुड़ी समस्याओं पर भी मंत्री ने अधिकारियों को कड़े लहजे में त्वरित निस्तारण के आदेश दिए।
इस खबर की मुख्य बातें:
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विशाल जनसुनवाई: अलवर सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई में जिलेभर से पहुंचे 650 से अधिक नागरिकों की समस्याओं को वन राज्यमंत्री संजय शर्मा ने गंभीरता से सुना।
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लापरवाही पर सख्त एक्शन: कोचिंग प्रतिनिधि से दुर्व्यवहार करने वाले होमगार्ड को नगर निगम कार्यालय से तुरंत हटाने के निर्देश जारी किए गए।
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कोचिंग संस्थानों को राहत: छात्रों के भविष्य को देखते हुए फायर सेफ्टी एनओसी के लिए संस्थानों को 15 दिन का समय देकर शपथ पत्र लेने को कहा।
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मूलभूत सुविधाओं पर फोकस: पेयजल और बिजली की गंभीर शिकायतों पर 7 दिन के भीतर समाधान करने की समय-सीमा तय की गई।
आमजन को तत्काल राहत देना ही सरकार का मुख्य ध्येय: संजय शर्मा
जनसुनवाई के दौरान वन राज्यमंत्री श्री संजय शर्मा ने उपस्थित जनसमूह और प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का एकमात्र ध्येय आम नागरिक को सरकारी योजनाओं और मूलभूत सुविधाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के सुनिश्चित कराना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि जनता की शिकायतों को लंबित न रखा जाए। जनसुनवाई में मुख्य रूप से पेयजल किल्लत, बिजली आपूर्ति में बाधा, चिकित्सा व्यवस्था, सड़कों की खस्ताहाली, अतिक्रमण और स्थानांतरण से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए। मंत्री ने निर्देश दिए कि जो मामले स्थानीय स्तर के हैं उन्हें गुणवत्ता के साथ तुरंत निपटाया जाए और जो मामले जयपुर (मुख्यालय) स्तर के हैं, उनका भी समयबद्ध निस्तारण कराया जाए।
पेयजल और बिजली संकट पर अधिकारियों को अल्टीमेटम
जनसुनवाई में दिल्ली दरवाजा बाहर गंगा मंदिर क्षेत्र के निवासियों ने पानी की गंभीर समस्या की शिकायत रखी। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए वन राज्यमंत्री ने जलदाय विभाग (PHED) के अधिशासी अभियंता को स्पष्ट निर्देश दिए कि आगामी 7 दिनों के भीतर इस क्षेत्र की पेयजल किल्लत का स्थाई समाधान कर जनता को राहत प्रदान करें।
इसके साथ ही, वार्ड नंबर 27 की कोली व बैरवा बस्ती के नागरिकों द्वारा पानी की समस्या के निवारण के लिए थ्री-फेस बोरिंग करवाने की मांग पर मंत्री ने जल्द से जल्द कार्य शुरू कराने का भरोसा दिया। वहीं, भूगोर निवासी पारूदान सिंह ने एक लोहे के बिजली पोल से करंट प्रवाहित होने की गंभीर शिकायत दर्ज कराई, जिस पर संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता को हादसे से पहले तुरंत उस पोल को बदलने के कड़े निर्देश दिए गए।
विकास कार्य और 37 कच्ची बस्तियों के पट्टों पर फैसला
वार्ड नंबर 38 में डिफेंस एंक्लेव इटाराना गेट के पास सड़क निर्माण और रोड लाइट लगाने की मांग पर मंत्री ने नगर विकास न्यास (UIT) के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही, वार्ड नंबर 3 रंगीला वाला कुआं के पास नाली, सीवरेज और सीसी सड़क बनाने की मांग को भी जल्द पूरा करने को कहा गया।
डॉ. अम्बेडकर मेमोरियल वेलफेयर द्वारा अलवर की 37 कच्ची बस्तियों में पट्टे दिलवाने के संबंध में सौंपे गए ज्ञापन पर वन राज्यमंत्री ने नगर निगम आयुक्त को निर्देशित किया कि वे नियमानुसार सभी आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई को गुणवत्ता के साथ पूरा करें और इन कच्ची बस्तियों के पात्र निवासियों को जल्द से जल्द पट्टे जारी करें।
कोचिंग संस्थानों से दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं; होमगार्ड पर गिरी गाज
जनसुनवाई में उस समय माहौल गरमा गया जब विभिन्न कोचिंग संस्थानों के प्रतिनिधियों ने शिकायत की कि नगर निगम और यूआईटी के अधिकारियों द्वारा फायर एनओसी और सुरक्षा मानकों की जांच के नाम पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है।
इस पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि किसी भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी को देश के आम नागरिक से बदसलूकी करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने नगर निगम आयुक्त को आदेश दिया कि कोचिंग प्रतिनिधि से दुर्व्यवहार करने वाले संबंधित होमगार्ड को तत्काल प्रभाव से नगर निगम कार्यालय से हटा दिया जाए।
इसके साथ ही विद्यार्थियों के हित को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए:
"कोचिंग संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए। अधिकारी कोचिंग संचालकों से इस बात का शपथ पत्र लें कि वे आगामी 15 दिनों के भीतर सुरक्षा मानकों के तहत आवश्यक फायर एनओसी (Fire NOC) की प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। सुरक्षा मानकों से समझौता किए बिना छात्र हित में कोचिंग्स का संचालन सुचारू रहना चाहिए।"
इस जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न विभागों के आला अधिकारी, नगर निगम के पदाधिकारी, यूआईटी के इंजीनियर्स और भारी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
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