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राजस्थान

राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग का पुनर्गठन: CM भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, 403 उच्च पद बढ़े, पुलिसकर्मियों की पदोन्नति का रास्ता साफ

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग (चालक, घुड़सवार, बैंड) का पुनर्गठन कर 403 नए उच्च पदों को मंजूरी दी है। इससे लंबे समय से थमी पदोन्नतियां शुरू होंगी।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 25 Jun 2026 👁️ 2 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग का पुनर्गठन: CM भजनलाल शर्मा का बड़ा फैसला, 403 उच्च पद बढ़े, पुलिसकर्मियों की पदोन्नति का रास्ता साफ

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने पुलिस महकमे के सुदृढ़ीकरण और पुलिसकर्मियों के कल्याण की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने राजस्थान पुलिस के तकनीकी संवर्ग (Technical Cadre) का ऐतिहासिक पुनर्गठन करते हुए कुल 403 नए उच्च पदों को मंजूरी दी है। सरकार के इस कदम से चालक (Drivers), घुड़सवार (Cavalry/Mounted) और बैंड (Band) शाखाओं में कार्यरत पुलिसकर्मियों के लिए बीते कई वर्षों से थमी हुई पदोन्नति (Promotion) के रास्ते पूरी तरह साफ हो गए हैं।

मुख्यमंत्री का यह निर्णय राज्य बजट घोषणा वर्ष 2026-27 की समयबद्ध क्रियान्विति का हिस्सा है। गृह विभाग द्वारा इस संबंध में आधिकारिक स्वीकृति आदेश भी जारी कर दिए गए हैं। इस निर्णय से तकनीकी संवर्ग के कार्मिकों में लंबे समय से व्याप्त निराशा दूर होगी और उनका मनोबल मजबूत होगा।

सालों से सीमित थे अवसर, कॉन्स्टेबलों में थी निराशा

राजस्थान पुलिस की विभिन्न तकनीकी शाखाओं जैसे—सिविल पुलिस, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB), दूरसंचार, आरएसी (RAC) और एमबीसी (MBC) के चालक दल, सिविल घुड़सवार और सिविल व आरएसी/एमबीसी बैंड में पदोन्नति के अवसर बेहद सीमित थे।

इस विसंगति के कारण तकनीकी संवर्ग में भर्ती होने वाले कॉन्स्टेबल वर्षों तक एक ही पद पर काम करने को मजबूर थे। स्थिति यह थी कि जिस वर्ष कोई युवा तकनीकी संवर्ग में कॉन्स्टेबल भर्ती होता था, उसी के साथ सिविल पुलिस (सामान्य संवर्ग) में भर्ती होने वाला उसका साथी समय पर पदोन्नति पाकर सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद तक पहुंच जाता था, जबकि तकनीकी संवर्ग का जवान कॉन्स्टेबल पद पर ही सेवानिवृत्ति के कगार पर पहुंच जाता था। इस विभागीय असमानता के कारण पुलिसकर्मियों में भारी असंतोष और मानसिक तनाव था, जिसे दूर करने के लिए इस कैडर पुनर्गठन की रूपरेखा तैयार की गई।

403 उच्च पदों का पूरा गणित: किस वर्ग में कितनी बढ़ोतरी?

सरकार द्वारा स्वीकृत किए गए नए ढांचे के अनुसार, तकनीकी संवर्ग के कुल 403 पदों को पुनर्गठित कर उन्हें उच्च पदों में बदला गया है ताकि पदोन्नति की सीढ़ी सुचारू रूप से काम कर सके। इसका वर्गवार विवरण निम्नलिखित है:

1. चालक वर्ग (Driver Cadre)

चालक शाखा में सबसे अधिक 331 पदों को पुनर्गठित कर उच्च पदों में तब्दील किया गया है:

  • पुलिस निरीक्षक / कंपनी कमांडर (Inspector/C.C): इस श्रेणी में 16 नए पद बढ़ाए गए हैं। अब इनकी कुल संख्या 17 से बढ़कर 33 हो गई है।

  • उप निरीक्षक / प्लाटून कमांडर (SI/P.C): इस श्रेणी में 62 नए पद बढ़ाए गए हैं। अब इनकी संख्या 108 से बढ़कर 170 हो गई है।

  • हेड कॉन्स्टेबल (Head Constable): पदोन्नति का पहला मुख्य पड़ाव मजबूत करते हुए इसमें 253 नए पद जोड़े गए हैं। अब हेड कॉन्स्टेबल के कुल पद 1046 से बढ़कर 1299 हो गए हैं।

2. बैंड वर्ग (Band Cadre)

सिविल बैंड और आरएसी/एमबीसी बैंड वर्ग में कुल 69 उच्च पद बढ़ाए गए हैं:

  • उप निरीक्षक / प्लाटून कमांडर (SI/P.C): बैंड मास्टर और संबंधित शाखाओं में 17 नए पद बढ़ाए गए हैं, जिससे अब कुल पदों की संख्या 10 से बढ़कर 27 हो गई है।

  • हेड कॉन्स्टेबल (Head Constable): इस वर्ग में 52 नए पद बढ़ाए गए हैं, जिससे पदों की संख्या 141 से बढ़कर 193 हो गई है।

3. घुड़सवार वर्ग (Mounted Police)

सिविल घुड़सवार विंग को भी इस पुनर्गठन में विशेष राहत दी गई है:

  • उप निरीक्षक / प्लाटून कमांडर (SI/P.C): घुड़सवार वर्ग में 3 उच्च पद बढ़ाए गए हैं। इसके साथ ही इस संवर्ग में उप निरीक्षक के पदों की संख्या 1 से बढ़कर अब 4 हो गई है।

डीजीपी राजीव कुमार शर्मा की पहल लाई रंग

इस ऐतिहासिक प्रशासनिक सुधार के पीछे राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री राजीव कुमार शर्मा के अथक प्रयास और संवेदनशीलता रही है। तकनीकी संवर्ग के कार्मिकों की इस पुरानी और जायज समस्या को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी ने स्वयं पहल की और एक विस्तृत कैडर पुनर्गठन प्रस्ताव तैयार करवाकर राज्य सरकार को भिजवाया था।

मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने इस प्रस्ताव की उपयोगिता को समझा और राज्य बजट 2026-27 में इसकी विधिवत घोषणा की। अब बजट घोषणा के तुरंत बाद गृह विभाग द्वारा इसके क्रियान्वयन आदेश जारी कर दिए गए हैं, जो प्रशासनिक मुस्तैदी का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

पुलिस की कार्यक्षमता और सेवा गुणवत्ता में होगा बड़ा सुधार

इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पुलिस महानिदेशक श्री राजीव कुमार शर्मा ने कहा, "राजस्थान पुलिस बल को आधुनिक, तकनीकी रूप से दक्ष और संगठनात्मक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए हमारी टीम निरंतर प्रयासरत है। तकनीकी संवर्ग का यह पुनर्गठन उसी दिशा में उठाया गया एक युगांतकारी कदम है। जब पुलिसकर्मियों को समय पर तरक्की मिलेगी, तो उनका मनोबल बढ़ेगा, जिससे तकनीकी शाखाओं की कार्यक्षमता और कानून-व्यवस्था के प्रति उनकी सेवा गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। भविष्य में भी कार्मिक कल्याण और संगठनात्मक सुधार के लिए ऐसे प्रयास जारी रहेंगे।"

निष्कर्ष: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह निर्णय केवल पदों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन हजारों पुलिस परिवारों के जीवन में खुशियां लाने वाला है जो वर्षों से न्यायसंगत पदोन्नति का इंतजार कर रहे थे। सिविल संवर्ग की तर्ज पर अब तकनीकी संवर्ग में भी समयबद्ध पदोन्नति होने से राजस्थान पुलिस आंतरिक रूप से अधिक मजबूत, संतुष्ट और ऊर्जावान होकर उभरेगी।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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