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अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का कड़ा रुख: "पाकिस्तान पर भरोसा नहीं," ईरान वार्ता के लिए नए मध्यस्थ की मांग

US Senator Lindsey Graham on Pakistan: सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान पर अविश्वास जताते हुए ईरान वार्ता के लिए नए मध्यस्थ की मांग की है। जानें ईरानी विमान विवाद की पूरी जानकारी।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 13 May 2026 👁️ 141 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम का कड़ा रुख: "पाकिस्तान पर भरोसा नहीं," ईरान वार्ता के लिए नए मध्यस्थ की मांग

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी और रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने पाकिस्तान की भूमिका पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सीनेट एप्रोप्रिएशन कमेटी के सामने गवाही के दौरान ग्राहम ने उन रिपोर्टों पर चिंता जताई जिनमें दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने ईरानी सैन्य विमानों को अपने हवाई अड्डों पर शरण दी है।

विवाद का मुख्य कारण: ईरानी विमान और पाकिस्तानी एयरबेस

सीनेटर ग्राहम का यह बयान 'सीबीएस न्यूज' (CBS News) की उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कहा गया था कि ईरान ने अपने सैन्य विमानों को रावलपिंडी के पास नूर खान एयरबेस पर तैनात किया है। ग्राहम के अनुसार:

  • सुरक्षा कवच: यदि पाकिस्तान ईरानी सैन्य संपत्तियों को अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए अपने बेस का उपयोग करने दे रहा है, तो वह एक "निष्पक्ष मध्यस्थ" नहीं हो सकता।

  • इजरायल पर रुख: ग्राहम ने इजरायल के खिलाफ पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की यह सैन्य साठगांठ "हैरान करने वाली नहीं है।"

पाकिस्तान का खंडन

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इन दावों को "भ्रामक और सनसनीखेज" करार देते हुए खारिज कर दिया है। पाकिस्तान का कहना है कि:

  1. ईरानी विमान केवल शुरुआती शांति वार्ता के दौरान पहुंचे थे।

  2. इसका किसी भी सैन्य सुरक्षा व्यवस्था से कोई लेना-देना नहीं है।

  3. ऐसे दावे क्षेत्रीय शांति प्रयासों को बाधित करने के लिए किए जा रहे हैं।

राष्ट्रपति ट्रंप का रुख

वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप इस मामले में जल्दबाजी के मूड में नहीं दिख रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि ईरान पर आर्थिक प्रतिबंधों और नाकेबंदी के कारण अमेरिका के पास पर्याप्त समय है। ट्रंप ने दृढ़ता से कहा है कि वे ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे और वे वार्ता के अंतिम परिणाम को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं।

विशेषज्ञ विश्लेषण: दक्षिण एशिया की राजनीति पर प्रभाव

लिंडसे ग्राहम का यह बयान पाकिस्तान के लिए एक बड़ा राजनयिक झटका है, जो खुद को अमेरिका और ईरान के बीच एक सेतु के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा था। यदि अमेरिका वास्तव में किसी अन्य मध्यस्थ (जैसे कतर या ओमान) की ओर रुख करता है, तो यह पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय साख और वाशिंगटन के साथ उसके सुरक्षा संबंधों को प्रभावित कर सकता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट आधिकारिक समाचार एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया कवरेज पर आधारित है। व्यक्त किए गए विचार सीनेटरों के व्यक्तिगत और पेशेवर दृष्टिकोण हैं।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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