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क्वांटस एयरवेज अक्टूबर 2027 में शुरू करेगी दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप फ्लाइट, सिडनी से लंदन का सफर 22 घंटे में होगा पूरा

क्वांटस एयरवेज अक्टूबर 2027 से सिडनी और लंदन के बीच दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप विमान सेवा शुरू करेगी। जानिए ए350 विमान और जेटलैग से निपटने के वैज्ञानिक इंतजाम।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 19 Jun 2026 👁️ 13 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
क्वांटस एयरवेज अक्टूबर 2027 में शुरू करेगी दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप फ्लाइट, सिडनी से लंदन का सफर 22 घंटे में होगा पूरा

टूलूज़ (फ्रांस): ऑस्ट्रेलियाई विमानन कंपनी क्वांटस एयरवेज वाणिज्यिक उड़ान के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ने की तैयारी कर रही है। एयरलाइन ने अपने महत्वाकांक्षी 'प्रोजेक्ट सनराइज' के तहत सिडनी से लंदन के बीच दुनिया की सबसे लंबी नॉन-स्टॉप व्यावसायिक उड़ान शुरू करने की समयसीमा की घोषणा कर दी है। अक्टूबर 2027 से शुरू होने वाली इस सीधी विमान सेवा के जरिए यात्री बिना किसी स्टॉपओवर के लगभग 20 से 22 घंटे में अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। इस ऐतिहासिक रूट पर उड़ानों की बुकिंग फरवरी 2027 से शुरू हो जाएगी।

इस अल्ट्रा-लॉन्ग-हॉल (अत्यधिक लंबी दूरी) सफर को आरामदायक और शारीरिक रूप से अनुकूल बनाने के लिए क्वांटस एयरवेज बड़े पैमाने पर आधुनिक विज्ञान और विशेष तकनीक का सहारा ले रही है। कंपनी ने फ्रांस के टूलूज़ में स्थित एयरबस मुख्यालय में 17 जून 2026 को अपने पहले विशेष रूप से संशोधित विमान 'एयरबस ए350-1000यूएलआर' (Airbus A350-1000ULR) का अनावरण किया। यह विमान करीब 16,000 किलोमीटर (लगभग 10,000 मील) की दूरी बिना रुके तय करने में सक्षम है।

लगातार 22 घंटे तक हवा में रहने के दौरान यात्रियों को होने वाली जैविक और शारीरिक समस्याओं से बचाने के लिए एयरलाइन ने लगभग एक दशक तक गहन रिसर्च की है। सिडनी विश्वविद्यालय में स्लीप मेडिसिन के प्रोफेसर पीटर सिस्टुली ने इस परियोजना के वैज्ञानिक पहलुओं पर जानकारी देते हुए बताया कि इतनी लंबी दूरी की यात्रा में सात से लेकर सोलह टाइम ज़ोन पार करना मानव शरीर के लिए एक बड़ी जैविक चुनौती होती है। इससे निपटने के लिए विमान के भीतर प्रकाश व्यवस्था, खान-पान के समय और केबिन स्पेस को वैज्ञानिक आधार पर तैयार किया गया है।

जेटलैग और थकान कम करने के लिए विशेष लाइटिंग और फूड टाइमिंग

अनुसंधान के अनुसार, मानव शरीर की आंतरिक घड़ी (बॉडी क्लॉक) को संतुलित रखने के लिए रोशनी सबसे महत्वपूर्ण कारक है। केबिन डिजाइनर डेविड केऑन ने बताया कि विमान के अंदर एक विशेष 'वेलनेस ज़ोन' बनाया गया है, जहां फैली हुई और टिमटिमाती हुई रोशनी का उपयोग किया जाएगा जो यात्रियों को एक स्विमिंग पूल के किनारे लेटने जैसा अहसास कराएगी। इसके अलावा, पूरे केबिन में कस्टम मूड लाइटिंग होगी, जो ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक दृश्यों से प्रेरित 14 अलग-अलग दृश्यों के आधार पर सूर्योदय और सूर्यास्त का अहसास कराएगी।

वैज्ञानिक परीक्षणों के दौरान यह देखा गया कि यदि यात्रियों को उड़ान भरने के तुरंत बाद भोजन देने के बजाय एक निश्चित समय पर भोजन परोसा जाए और लाइटिंग के जरिए एक 'प्रोटेक्टिव स्लीप विंडो' (नींद का सुरक्षित समय) तैयार किया जाए, तो यात्री पारंपरिक उड़ानों की तुलना में अधिक सतर्क और तरोताजा महसूस करते हैं। केऑन ने शुरुआत में केबिन के भीतर कसरत के लिए साइकिल और योग मैट लगाने पर भी विचार किया था, लेकिन अंततः 'वेलनेस ज़ोन' को ही अंतिम रूप दिया गया ताकि यात्री वहां जाकर थोड़ा मूवमेंट कर सकें।

वजन सीमाओं के कारण सीटों की संख्या में कटौती और केबिन डिजाइन

अत्यधिक दूरी तय करने के लिए इन विशेष एयरबस विमानों में 20,000 लीटर का अतिरिक्त ईंधन टैंक लगाया गया है। ईंधन और वजन के संतुलन को बनाए रखने के लिए विमान में यात्रियों की क्षमता को सीमित कर 238 कर दिया गया है, जो चार अलग-अलग श्रेणियों (कैबिन क्लासेज) में विभाजित होगी। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में ईंधन बचाने के लिए एयरलाइन को कुछ सीटों को खाली भी रखना पड़ सकता है। विमान के अग्रिम हिस्से में बंद फर्स्ट-क्लास सुइट्स बनाए गए हैं जिनमें फिक्स्ड बेड की सुविधा होगी।

नियमित इकोनॉमी श्रेणी में सीटों के बीच की दूरी (पिच) 33 इंच रखी गई है, जबकि कुछ कतारों में यह 32 इंच होगी जिसकी जानकारी बुकिंग के समय ही दे दी जाएगी। इसके अतिरिक्त 'इकोनॉमी प्लस' श्रेणी में यात्रियों को 34 इंच का लेगरूम मिलेगा। विमानन उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी लंबी उड़ानों में किसी आपातकालीन स्थिति या रूट डायवर्जन के कारण परिचालन लागत बढ़ने का जोखिम हमेशा बना रहता है, इसलिए एयरलाइन प्रीमियम श्रेणियों से अधिकतम राजस्व निकालने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

चार घंटे की बचत और यात्रियों की प्रतिक्रिया

क्वांटस एयरवेज की सीईओ वेनेसा हडसन ने बताया कि मौजूदा वन-स्टॉप उड़ानों की तुलना में सीधी उड़ान से यात्रियों के करीब चार घंटे बचेंगे। इसके लिए कंपनी यात्रियों से लगभग 20% अतिरिक्त प्रीमियम किराया वसूलने की योजना बना रही है। कंपनी का यह बिजनेस मॉडल पर्थ से लंदन, रोम और पेरिस के बीच चल रही 17 घंटे की नॉन-स्टॉप उड़ानों की सफलता पर आधारित है, जिससे 2018 से अब तक 17 लाख से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं। सर्वे के अनुसार, 70% ऑस्ट्रेलियाई नागरिक इतनी लंबी सीधी उड़ान में सफर करने के इच्छुक हैं, जबकि प्रीमियम यात्रियों में यह आंकड़ा 80% है।

पेरिस में रहने वाले और नियमित रूप से सिडनी की यात्रा करने वाले सैम डेविस ने बताया कि सुरक्षा जांच और कनेक्टिंग फ्लाइट्स के लिए तीन घंटे बर्बाद करने से बेहतर सीधे गंतव्य पर पहुंचना है, बशर्ते उनकी 6 फीट 4 इंच की लंबाई के हिसाब से इकोनॉमी सीट आरामदायक हो। वहीं मेलबर्न के बिजनेस एग्जीक्यूटिव इयान मोर्डन ने समय की बचत की सराहना की, लेकिन 20% अतिरिक्त प्रीमियम किराए की तार्किकता पर सवाल उठाया। इसके विपरीत, न्यूयॉर्क में कार्यरत रणनीतिक सलाहकार मार्क लेविन का मानना है कि सीधी उड़ानों से अलग-अलग महाद्वीपों के बीच यात्रा की प्रशासनिक और संगठनात्मक परेशानियां कम हो जाती हैं।

निष्कर्ष: क्वांटस एयरवेज का 'प्रोजेक्ट सनराइज' केवल विमानन क्षेत्र का विस्तार नहीं, बल्कि मानव शरीर की जैविक सीमाओं और विमानन इंजीनियरिंग का एक अनूठा समागम है। 1947 के दौर में जिस 'कंगारू रूट' पर सिडनी से लंदन जाने में सात जगह रुकना पड़ता था, तकनीक की बदौलत अब वह सफर बिना रुके एक बार में पूरा होने जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहता है, तो कंपनी सिडनी से न्यूयॉर्क के बीच भी अपनी अगली नॉन-स्टॉप सेवा शुरू करेगी, जिसके लिए पायलटों और केबिन क्रू का प्रशिक्षण पहले ही शुरू कर दिया गया है।

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Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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