पचपदरा रिफाइनरी बनेगी राजस्थान का ग्रोथ इंजन: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने की हाई-लेवल समीक्षा, पीएम मोदी जल्द करेंगे शुभारंभ
जयपुर। राजस्थान के औद्योगिक परिदृश्य और आर्थिक विकास को एक नई और ऐतिहासिक दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने अपनी कमर कस ली है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार, 24 जून को मुख्यमंत्री आवास पर पचपदरा (बाड़मेर) रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स की प्रगति और संचालन को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने रिफाइनरी के विभिन्न चरणों के कार्यों की बारीकी से समीक्षा की और इसे समयबद्ध तरीके से पूर्ण परिचालन में लाने के लिए अधिकारियों एवं एचआरआरएल (HRRL) प्रबंधन को कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एक बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शीघ्र ही पचपदरा रिफाइनरी का भव्य शुभारंभ करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि इस आगामी उद्घाटन समारोह को ऐतिहासिक और अभूतपूर्व बनाने के लिए सभी आवश्यक और ढांचागत तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं। इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देश की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत स्तंभ बनेगा राजस्थान
मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि पचपदरा रिफाइनरी परियोजना केवल बाड़मेर या मारवाड़ के लिए ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राजस्थान के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर साबित होने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट धरातल पर उतरने के बाद राजस्थान को देश की ऊर्जा सुरक्षा के एक मजबूत और आत्मनिर्भर स्तंभ के रूप में स्थापित करेगा।
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि यह रिफाइनरी परियोजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए 'ग्रध इंजन' (Growth Engine) की तरह काम करेगी। इससे न केवल राज्य के राजस्व में भारी बढ़ोतरी होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के लाखों नए अवसरों का सृजन होगा। इस कॉम्प्लेक्स के पूरी तरह चालू होने से राजस्थान में पेट्रोकेमिकल आधारित सहायक उद्योगों (Downstream Industries) का एक विशाल जाल बिछेगा, जो राज्य के औद्योगिक विकास को नए आयाम देगा।
मुख्यमंत्री की 'माइक्रो मॉनिटरिंग' से प्रोजेक्ट आया फास्ट ट्रैक पर
समीक्षा बैठक के दौरान एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) के शीर्ष प्रबंधन ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा की कार्यशैली और विजन की जमकर सराहना की। प्रबंधन के अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रोजेक्ट की लगातार की जा रही 'माइक्रो मॉनिटरिंग' (सूक्ष्म स्तर पर समीक्षा) के कारण ही रिफाइनरी का काम असाधारण गति से आगे बढ़ा है और यह फास्ट ट्रैक पर आ गया है।
प्रबंधन ने बताया कि राज्य सरकार के विभिन्न विभागों और एचआरआरएल के अधिकारियों ने एक मजबूत टीम भावना के साथ काम किया है। मुख्यमंत्री के निरंतर मार्गदर्शन, प्रशासनिक बाधाओं के त्वरित निस्तारण और प्रोत्साहन के फलस्वरूप ही यह विशाल रिफाइनरी अत्यंत कम समय के अंतराल में कमर्शियल ऑपरेशन और शुभारंभ के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है। वर्तमान में रिफाइनरी की आधा दर्जन से अधिक मुख्य यूनिट्स ने सुचारू रूप से कार्य करना शुरू कर दिया है और कई प्रमुख पेट्रोलियम व पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट्स का व्यावसायिक उत्पादन भी सफलतापूर्वक प्रारंभ किया जा चुका है।
मुख्यमंत्री को सौंपे गए प्रोडक्ट्स के लाइव सैम्पल
इस ऐतिहासिक अवसर पर एचआरआरएल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा को पचपदरा रिफाइनरी की चालू हो चुकी यूनिट्स से उत्पादित हो रहे विभिन्न पेट्रोकेमिकल और रिफाइनरी प्रोडक्ट्स के लाइव सैम्पल (नमूने) भी भेंट किए। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री को इस विशाल परिसर का एक विस्तृत आर्किटेक्चरल मॉडल भी दिखाया गया। प्रबंधन ने इस महत्वाकांक्षी और देश के सबसे आधुनिक प्रोजेक्ट की शुरुआत से लेकर अब तक की ऐतिहासिक विकास यात्रा, तकनीकी विशेषताओं और मील के पत्थरों को दर्शाती हुई एक विशेष रूप से संकलित बुकलेट भी मुख्यमंत्री को प्रस्तुत की।
बैठक में इन उच्चाधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
रिफाइनरी की इस हाई-प्रोफाइल समीक्षा बैठक में राजस्थान प्रशासनिक सेवा और नीति निर्धारण से जुड़े कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
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मुख्य सचिव: श्री वी. श्रीनिवास
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अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय): श्री अखिल अरोड़ा
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अतिरिक्त मुख्य सचिव (खान एवं पेट्रोलियम विभाग): श्रीमती अपर्णा अरोड़ा
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प्रमुख शासन सचिव (वित्त विभाग): श्री वैभव गालरिया
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एचआरआरएल प्रबंधन: कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं अन्य तकनीकी विशेषज्ञ व वरिष्ठ अधिकारीगण।
निष्कर्ष: पचपदरा रिफाइनरी कम पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की यह उच्च स्तरीय बैठक स्पष्ट करती है कि राज्य सरकार इस प्रोजेक्ट को देश के नक्शे पर एक मिसाल के रूप में पेश करने के लिए कितनी गंभीर है। आधा दर्जन से अधिक यूनिट्स का लाइव होना और उत्पादों का निर्माण शुरू होना इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि राजस्थान बहुत जल्द पेट्रोकेमिकल हब बनने जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आगामी दिनों में होने वाला इसका आधिकारिक शुभारंभ राजस्थान के आर्थिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत करेगा।
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