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ज्योतिष

आज का पंचांग (17 मई 2026): अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा; जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष योग

आज का पंचांग 17 मई 2026: अधिक ज्येष्ठ शुक्ल प्रतिपदा और कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव। जानें आज का राहुकाल, शुभ अभिजीत मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का सटीक समय।
द्वारा News Room 📅 14 May 2026 👁️ 53 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
आज का पंचांग (17 मई 2026): अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा; जानें आज का शुभ मुहूर्त, राहुकाल और विशेष योग

भारतीय काल गणना और वैदिक ज्योतिष में पंचांग का विशेष महत्व है, जो हमें ग्रहों की चाल के अनुसार सही समय का चयन करने में मदद करता है। आज 17 मई 2026, रविवार को हिंदू पंचांग के अनुसार अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। अमावस्या के पश्चात उदित होने वाला नया चंद्रमा आज से अधिक मास की नई ऊर्जा का संचार कर रहा है। आज कृत्तिका नक्षत्र और अतिगंड योग का प्रभाव रहेगा, जो साहस और चुनौतियों का एक मिला-जुला परिणाम दे सकता है।

आज का पंचांग विवरण (17 मई 2026)

वैदिक पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार आज के मुख्य घटक निम्नलिखित हैं:

विवरण जानकारी
वार रविवार
तिथि प्रतिपदा (रात्रि 09:41 बजे तक), तत्पश्चात द्वितीया
नक्षत्र कृत्तिका (दोपहर 02:32 बजे तक), तत्पश्चात रोहिणी
योग अतिगंड (रात्रि 10:28 बजे तक), तत्पश्चात सुकर्मा
करण किंस्तुघ्न (सुबह 08:06 तक), तत्पश्चात बव
चंद्र राशि वृषभ
सूर्य राशि वृषभ
विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत 1948 (पराभव)

सूर्योदय और चंद्रोदय का समय (अनुमानित - दिल्ली/NCR)

  • सूर्योदय: सुबह 05:30 बजे

  • सूर्यास्त: शाम 07:06 बजे

  • चंद्रोदय: सुबह 05:43 बजे

  • चंद्रास्त: शाम 07:54 बजे

शुभ और अशुभ मुहूर्त (Daily Muhurat)

वैदिक परंपरा में 'अभिजीत मुहूर्त' को सभी कार्यों के लिए कल्याणकारी माना गया है, जबकि 'राहुकाल' के दौरान मांगलिक कार्यों को वर्जित माना जाता है।

  • अभिजीत मुहूर्त (शुभ): दोपहर 11:51 से 12:45 बजे तक। (किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)।

  • राहुकाल (वर्जित): दोपहर 05:27 से शाम 07:06 बजे तक। (इस कालखंड में महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय या शुभ कार्य टालने चाहिए)।

  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02:34 से 03:28 बजे तक।

आज का विशेष महत्व: अधिक ज्येष्ठ प्रतिपदा

आज से अधिक ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष का आरंभ हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में अधिक मास को 'पुरुषोत्तम मास' भी कहा जाता है, जो भगवान विष्णु की उपासना और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। रविवार का दिन होने के कारण आज सूर्य देव की उपासना और अर्घ्य देना आरोग्य और यश प्रदान करने वाला होगा। दोपहर के बाद चंद्रमा का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत देता है।

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह पंचांग विवरण विभिन्न विश्वसनीय ज्योतिषीय गणनाओं और पारंपरिक कैलेंडर (जैसे दृक पंचांग) पर आधारित एक सूचनात्मक रिपोर्ट है। स्थानीय अक्षांशों और देशांतरों के कारण विभिन्न शहरों (जैसे उज्जैन, दिल्ली, मुंबई) में तिथि और मुहूर्त के समय में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। किसी भी बड़े धार्मिक अनुष्ठान, निवेश या शुभ कार्य से पहले अपने स्थानीय पुरोहित या प्रमाणित विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें। हम इस जानकारी की पूर्ण सटीकता की गारंटी नहीं देते हैं।

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