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भारतीय सेना के 350 प्रशिक्षु जवानों के साथ भूटान और श्रीलंका की सेना के जवानों ने की आईसीसीसी की विजिट

द्वारा News Room 📅 15 Jul 2023 👁️ 78 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
भारतीय सेना के 350 प्रशिक्षु जवानों के साथ भूटान और श्रीलंका की सेना के जवानों ने की आईसीसीसी की विजिट

प्रशिक्षु जवानों ने जानी इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर की कार्य पद्धति

सागर शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर अब वैधानिक चालानी दण्ड प्रक्रिया से बच नहीं सकते। उक्त विचार सेना के जवानों ने आईसीसीसी में इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की जानकारी पाकर व्यक्त किए। वे ढाना से शुक्रवार को यह जानने आए थे कि सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) कैसे काम करता है।

भारतीय सेना के लगभग 350 प्रशिक्षु जवानों के साथ आए भूटान एवं श्रीलंका की सेना के जवानों ने भी आईसीसीसी की विजिट कर यहां से की जा रही विभिन्न प्रशासनिक सेवाओं की बेहतर मॉनिटरिंग आदि कार्यों को विस्तार से जाना। उन्होंने जाना कि सागर के विभिन्न चौराहों पर लगे आईटीएमएस सिस्टम के कैमरों की मदद से यातायात की लाइव मॉनिटरिंग कर यातायात को व्यवस्थित करते हुए सुगम बनाया जा रहा है। यदि कोई वाहन चालक रेड लाइट वॉयलेशन, ट्रिपल राइड, नो हैलमेट जैसे यातायात नियमों का उल्लंघ करता है तो तत्काल चौराहों पर लगे आरएलवीडी एवं एएनपीआर कैमरों की मदद से उक्त वाहन की नंबर प्लेट से आरटीओ में रजिस्टर जानकारी के अनुसार ई-चालान बनता है। इस ई-चालान को आईसीसीसी में तैनात ट्रैफिक पुलिस द्वारा सिग्नेचर करने के पश्चात उक्त वाहन चालक के घर डाक या कोरियर द्वारा भेजा जाता है। जिसे वे यातायात थाना या एमपी ऑनलाइन पर ई-चालान में जमा करते हैं। उन्हें बताया गया कि बिना हैलमेट गाड़ी न चलाने के लिए मध्य प्रदेश सरकार की मुहिम में भी आईटीएमएस की मदद से सागर में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हुए।

सिविल लाइन चौराहे पर कैमरों में कैद फोटो में स्टॉप लाइन पर सभी वाहन चालक एवं वाहन सवार हैलमेट पहने हुए पाए गए। अब सागर में नागरिक यातायात नियमों के प्रति जागरूक हुए हैं। आईटीएमएस की मदद से यातायात को सुगम बनाने में मदद मिली ही है साथ ही एंट्री-एग्जिट पर लगे कैमरों आदि की मदद से शहर की सुरक्षा व्यवस्था भी चाक चौबंद करने में मदद मिली है। विभिन्न आपराधिक गतिविधि जैसे महिला अपराध आदि पर कंट्रोल करने में मदद मिली है। इसके साथ ही जवानों को बताया गया कि आईसीसीसी से कचरा गाड़ियों की मॉनिटरिंग, सीएम हेल्पलाइन, 104, ई-गवर्नेंस, महिला सुरक्षा के लिए इंटीग्रेट निर्भया सागर मोबाइल एप आदि को भी मॉनिटर किया जा रहा है। कोविड महामारी के दौरान किए गए कार्यों की जानकारी पाकर सेना के जवानों ने आईसीसीसी की सराहना की। उन्होंने आईसीसीसी में बहुत कुछ जानने व सीखने के बाद अपनी जिज्ञासाएं भी व्यक्त कीं और उनके द्वारा पूछे गए सवालों के संतुष्टिपूर्ण जवाब टीम से पाकर आईसीसीसी विजिट के अपने बेहतर अनुभव को फीडबैक के रूप में सांझा भी किया।

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