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राजस्थान

राइजिंग राजस्थान समिट: मुख्य सचिव ने की एमओयू क्रियान्वयन की समीक्षा; निवेशकों की बाधाएं दूर करने के सख्त निर्देश

Rising Rajasthan 2026: मुख्य सचिव ने एमओयू क्रियान्वयन की समीक्षा की। 33 निवेश प्रस्तावों पर चर्चा और निवेशकों की समस्याओं के समाधान के निर्देश। जानें कैसे बढ़ेंगे रोजगार के अवसर।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 12 May 2026 👁️ 88 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
राइजिंग राजस्थान समिट: मुख्य सचिव ने की एमओयू क्रियान्वयन की समीक्षा; निवेशकों की बाधाएं दूर करने के सख्त निर्देश

जयपुर | 12 मई, 2026

राजस्थान की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से आयोजित 'राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट' के तहत हुए एमओयू अब क्रियान्वयन के चरण में हैं। मंगलवार को शासन सचिवालय में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें निवेश परियोजनाओं की प्रगति का विभागवार अवलोकन किया गया।

समयबद्ध समाधान और पारदर्शी वातावरण

मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निवेशकों के लंबित प्रकरणों का निस्तारण एक निश्चित समय सीमा के भीतर किया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि:

  • निवेशक-अनुकूल नीतियां: राज्य सरकार प्रदेश में निवेश के वातावरण को सुगम और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

  • प्रशासनिक प्रक्रियाएं: भूमि रूपांतरण, पट्टा आवंटन, लेआउट अनुमोदन और एनओसी (NOC) से संबंधित सभी लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।

  • नियमित संवाद: निवेशकों के साथ निरंतर संवाद रखा जाए और उन्हें उनके प्रोजेक्ट्स की प्रगति की जानकारी समय-समय पर दी जाए।

33 बड़े निवेश प्रस्तावों की समीक्षा

बैठक में कुल 33 बड़े निवेश प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई, जो प्रमुख रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों से संबंधित हैं:

  • पर्यटन, शिक्षा और ऊर्जा।

  • उद्योग, स्वास्थ्य और मेडिकल।

  • नगर विकास एवं आवासन (UDH) तथा स्वायत्त शासन।

  • खेल एवं युवा मामले।

जिला स्तर पर समन्वय

अतिरिक्त मुख्य सचिव (उद्योग), श्री शिखर अग्रवाल ने बताया कि कई प्रस्तावों में सकारात्मक प्रगति हुई है। समन्वय को बेहतर बनाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जैसलमेर, बांसवाड़ा, राजसमंद, भीलवाड़ा, और चित्तौड़गढ़ के जिला कलेक्टर्स के साथ-साथ जोधपुर और बीकानेर विकास प्राधिकरण के आयुक्तों से भी सीधी बात की गई। उन्हें निर्देश दिए गए कि स्थानीय स्तर पर आने वाली अड़चनों को तुरंत दूर करें।

आर्थिक विकास और रोजगार की उम्मीद

मुख्य सचिव ने कहा कि ये एमओयू केवल कागजी दस्तावेज नहीं बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास की आधारशिला हैं। इन परियोजनाओं के धरातल पर आने से:

  1. रोजगार सृजन: प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।

  2. स्थानीय उद्योगों को गति: राजस्थान के स्थानीय व्यापार और उद्योगों को नई तकनीक और बाजार मिलेगा।

  3. मजबूत अर्थव्यवस्था: निवेश बढ़ने से राज्य की ओवरऑल जीडीपी में बड़ा उछाल आएगा।

निष्कर्ष

मुख्य सचिव की यह सक्रियता दर्शाती है कि राजस्थान सरकार निवेश प्रस्तावों को वास्तविक निवेश में बदलने के लिए कितनी गंभीर है। 'राइजिंग राजस्थान' के जरिए प्रदेश को एक ग्लोबल इन्वेस्टमेंट हब बनाने की दिशा में यह बैठक एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख शासन सचिवालय, जयपुर में आयोजित समीक्षा बैठक के आधिकारिक विवरणों और उद्योग विभाग द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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