राजस्थान को बड़ी सौगात: पचपदरा रिफाइनरी से इसी महीने शुरू होगा पेट्रोल-डीजल का उत्पादन, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश
राजस्थान के औद्योगिक विकास को रफ्तार देने वाली पचपदरा (बालोतरा) स्थित एचपीसीएल (HPCL) राजस्थान रिफाइनरी से जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है। राज्य के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सोमवार को जयपुर के शासन सचिवालय में इस मेगा प्रोजेक्ट की हाई लेवल समीक्षा की। उन्होंने ऐलान किया कि रिफाइनरी में पेट्रोल और डीजल का कमर्शियल उत्पादन इसी माह से शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अंतिम चरण की तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी करने के सख्त निर्देश दिए हैं।
इस खबर की मुख्य बातें
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बालोतरा के पचपदरा स्थित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी में इसी माह से शुरू होगा पेट्रो उत्पादों का उत्पादन।
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मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में की परियोजना की उच्च स्तरीय समीक्षा, दिए तेजी लाने के निर्देश।
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अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ तय समय सीमा के भीतर सभी पेंडिंग काम पूरे करने की हिदायत।
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राज्य की अर्थव्यवस्था और औद्योगिक विकास के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगी यह महत्वाकांक्षी परियोजना।
अंतिम चरण में है उत्पादन की तैयारी
सचिवालय में आयोजित इस अहम बैठक में मुख्य सचिव ने परियोजना की जमीनी हकीकत, अब तक हुए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और विभिन्न विभागों की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिफाइनरी में पेट्रोल-डीजल को तैयार करने का काम अब अपने आखिरी पड़ाव पर पहुंच चुका है। सरकार का मुख्य लक्ष्य इसी महीने हर हाल में उत्पादन शुरू करना है, ताकि प्रदेश की जनता और उद्योगों को इसका त्वरित लाभ मिल सके।
समन्वय और समयबद्धता पर जोर
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को हिदायत दी कि वे आपस में बेहतरीन समन्वय (Coordination) बनाए रखें। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े जो भी काम शेष हैं, उन्हें बिना किसी लालफीताशाही के निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए।
बैठक में मौजूद रहे ये आला अधिकारी
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और उन्होंने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट पेश की। इनमें जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, खान एवं पेट्रोलियम विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अपर्णा अरोड़ा और विशिष्ट शासन सचिव नम्रता वृष्णि प्रमुख रूप से शामिल थीं।
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