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Petrol-Diesel & LPG Price Hike: क्या फिर बढ़ने वाले हैं ईंधन के दाम? तेल कंपनियों ने सरकार से की बड़ी मांग

पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों में भारी बढ़ोतरी की संभावना। कच्चे तेल के 126 डॉलर पार होने से तेल कंपनियों ने सरकार से दाम बढ़ाने की मांग की है। जानिए क्या होगा आपकी जेब पर असर।
द्वारा News Room 📅 02 May 2026 👁️ 43 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
Petrol-Diesel & LPG Price Hike: क्या फिर बढ़ने वाले हैं ईंधन के दाम? तेल कंपनियों ने सरकार से की बड़ी मांग

नई दिल्ली | 2 मई, 2026

खाड़ी देशों में बढ़ते तनाव और वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच भारतीय उपभोक्ताओं की जेब पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ने की संभावना है। कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की चिंता बढ़ा दी है, जिसके चलते कंपनियों ने सरकार से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) के दामों में संशोधन की अपील की है।

कच्चे तेल में उछाल: 126 डॉलर के पार पहुंचा भाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 126 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गई हैं। इस उछाल का मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान की नौसैनिक नाकेबंदी को कड़ा करने के संकेत हैं। 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz), जो वैश्विक तेल आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है, उसके बंद होने की आशंका ने बाजार में घबराहट पैदा कर दी है।

तेल कंपनियों (IOC, BPCL, HPCL) को हो रहा भारी नुकसान

रिपोर्ट्स के अनुसार, इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) को वर्तमान खुदरा कीमतों पर तेल बेचने से जबरदस्त घाटा हो रहा है। वैश्विक आंकड़ों पर नजर डालें तो:

  • डीजल: फरवरी के मुकाबले अप्रैल में कीमतों में 119% की वृद्धि।

  • पेट्रोल: कीमतों में 69% का उछाल।

  • LPG: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 40% से अधिक की तेजी।

  • ATF (विमान ईंधन): कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं।

सरकार का क्या है रुख?

पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, सरकार वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय बाजार की अस्थिरता पर नजर बनाए हुए है। हालांकि तेल कंपनियों ने तत्काल मूल्य वृद्धि की मांग की है, लेकिन सरकार का प्राथमिक लक्ष्य आम जनता को इस झटके से बचाना है। फिलहाल, घरेलू पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यदि युद्ध की स्थिति लंबी खिंचती है, तो सब्सिडी का बोझ बढ़ने के कारण सरकार को कठोर निर्णय लेने पड़ सकते हैं।

अब तक क्या-क्या महंगा हुआ?

भले ही घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम अप्रैल 2022 से स्थिर हैं, लेकिन अन्य क्षेत्रों में असर दिखने लगा है:

  1. कमर्शियल गैस: हाल ही में सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये की भारी वृद्धि देखी गई।

  2. थोक डीजल और ATF: इनकी कीमतों में पहले ही इजाफा किया जा चुका है।

  3. घरेलू LPG: अब तक केवल 50 रुपये प्रति सिलेंडर की मामूली बढ़ोत्तरी हुई है, जिस पर आगे खतरा मंडरा रहा है।


डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। लेख में दी गई जानकारी अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों और समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। ईंधन की कीमतों में किसी भी आधिकारिक बदलाव के लिए कृपया संबंधित तेल कंपनियों या सरकारी अधिसूचनाओं की जांच करें।

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