ढिंढोरा और खेड़ी हैवत में अवैध शराब पर बवाल: 24 घंटे में दुकान बंद नहीं हुई तो सड़क पर उतरेंगे ग्रामीण
राजस्थान के करौली जिले में हिंडौन सिटी उपखंड के ढिंढोरा और खेड़ी हैवत गांवों में संचालित हो रहे अवैध शराब के ठेकों को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और 24 घंटे के भीतर इन अवैध दुकानों को बंद कराने का अल्टीमेटम दिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने इस दिशा में तुरंत कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो वे हिंडौन-बयाना मार्ग को जाम कर उग्र प्रदर्शन करने को विवश होंगे।
इस खबर की मुख्य बातें
-
हिंडौन सिटी के ढिंढोरा और खेड़ी हैवत गांव में अवैध शराब की बिक्री का कड़ा विरोध।
-
प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम, कार्रवाई न होने पर चक्का जाम और धरने की चेतावनी।
-
लगातार शिकायतों के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से नहीं उठाया गया कोई सख्त कदम।
-
आबादी क्षेत्र में शराब बिकने से युवाओं के भविष्य और सामाजिक माहौल पर पड़ रहा है बुरा असर।
प्रशासन की अनदेखी से पनप रहा आक्रोश
जिला जाटव समाज सुधार समिति के प्रवक्ता रिंकू खेड़ी हैवत और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गांव के रिहायशी इलाकों में लंबे समय से खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है। इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों के दरवाजे खटखटाए जा चुके हैं। हाल ही में 7 जून 2026 को भी प्रशासन को लिखित रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन जमीनी स्तर पर अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई देखने को नहीं मिली है, जिससे ग्रामीणों में भारी निराशा और रोष है।
युवाओं पर पड़ रहा है प्रतिकूल प्रभाव
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, आबादी के बीचो-बीच चल रहे इस अवैध कारोबार की वजह से गांव का शांतिपूर्ण और पारिवारिक माहौल पूरी तरह से प्रदूषित हो रहा है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा युवा पीढ़ी को भुगतना पड़ रहा है। नशे की आसान उपलब्धता के कारण गांव के युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं, जो भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है।
आंदोलन की चेतावनी और प्रशासन का आश्वासन
ग्रामीणों ने अपने ज्ञापन में दो टूक शब्दों में कहा है कि अगर प्रशासन ने अगले 24 घंटे के अंदर ठेके को सील नहीं किया, तो वे मजबूर होकर उपखंड कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना देंगे। इसके साथ ही हिंडौन-बयाना मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किया जाएगा, जिससे होने वाली किसी भी असुविधा या कानून-व्यवस्था बिगड़ने की पूरी जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जीतेश ढिंढोरा, राजेश, गोविंद सिंह, सुरजीत लाला, राजेंद्र, मगन, सोनू, जसवंत, वीरसिंह और राजू सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने फिलहाल शिकायत की जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
टिप्पणियां (0)
अपनी राय दें