🕒 18 June 2026, Thursday
राजस्थान

आपदा प्रबंधन: 57 NCC कैडेट बने 'युवा आपदा मित्र', राजस्थान पुलिस मुख्यालय में हुए सम्मानित

राजस्थान में 57 एनसीसी कैडेट्स ने 7 दिवसीय आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण पूरा कर 'युवा आपदा मित्र' का सम्मान हासिल किया। ये अब फर्स्ट रेस्पॉन्डर की भूमिका निभाएंगे।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 18 Jun 2026 👁️ 9 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
आपदा प्रबंधन: 57 NCC कैडेट बने 'युवा आपदा मित्र', राजस्थान पुलिस मुख्यालय में हुए सम्मानित

जयपुर, 18 जून: प्राकृतिक या मानव निर्मित आपदाओं के समय अब स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ), पुलिस और जिला प्रशासन के साथ नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के युवा भी कंधे से कंधा मिलाकर मोर्चा संभालेंगे। राजस्थान पुलिस द्वारा शुरू की गई 'युवा आपदा मित्र योजना' के तहत एनसीसी कैडेट्स को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है ताकि वे आपात स्थिति में 'फर्स्ट रेस्पॉन्डर' (प्रथम उत्तरदाता) के रूप में लोगों की जान बचा सकें।

राजधानी जयपुर के जेएलएन मार्ग स्थित एनसीसी परिसर में 12 जून से 18 जून तक सात दिवसीय सघन प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 57 कैडेट्स को एसडीआरएफ के विशेषज्ञों द्वारा राहत एवं बचाव कार्यों की बारीकियां सिखाई गईं।

गुरुवार को राजस्थान पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशानुसार पुलिस मुख्यालय में एक भव्य समापन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में सफलतापूर्वक ट्रेनिंग पूरी करने वाले सभी 57 कैडेट्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया और उनका हौसला बढ़ाया गया।

जनसहभागिता से मजबूत होगा आपदा प्रबंधन

समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पुलिस महानिदेशक (कानून एवं व्यवस्था) श्री संजय अग्रवाल ने सभी कैडेट्स को बधाई दी। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन में आम जनता और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 'युवा आपदा मित्र' एक बेहद अहम पहल है। अब ये प्रशिक्षित कैडेट्स किसी भी हादसे के समय एसडीआरएफ और अन्य रेस्क्यू टीमों के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर बचाव कार्य को ज्यादा असरदार बना सकेंगे। श्री अग्रवाल ने युवाओं को अपने जीवन का स्पष्ट लक्ष्य तय करने की सलाह दी और एसडीआरएफ के जोखिम भरे कार्यों की भी सराहना की।

पूरे प्रदेश में चलेगा प्रशिक्षण का दौर

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (आर्म्ड बटालियन एवं एसडीआरएफ) श्री रूपिंदर सिंघ ने योजना की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि युवाओं को चरणबद्ध तरीके से आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भविष्य में अन्य स्थानों पर भी ऐसे शिविर लगाए जाएंगे। उनका मानना है कि प्रशिक्षित युवा शक्ति के जुड़ने से आपातकालीन मोर्चे पर पुलिस और प्रशासन को बड़ी मदद मिलेगी।

इस अवसर पर कर्नल रघुवेंद्र कुमार, सेना मेडल से सम्मानित कर्नल विनोद कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल परमिंदर कौर और एसडीआरएफ कमांडेंट श्री राजेन्द्र सिंह सिसोदिया मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में कैडेट्स ने भी अपने 7 दिनों के अनुभव साझा किए और समाज सेवा के प्रति अपना संकल्प दोहराया।

सात दिन की ट्रेनिंग में कैडेट्स ने क्या सीखा?

इस एक सप्ताह के प्रशिक्षण में कैडेट्स को आपदाओं से निपटने का सैद्धांतिक और व्यावहारिक ज्ञान दिया गया:

  • राहत व बचाव: भूकंप, बाढ़, आगजनी, तूफान और इमारत गिरने जैसी स्थितियों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना।

  • प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड): चोट लगने, खून बहने, जलने या फ्रैक्चर होने पर तुरंत इलाज देना। हार्ट अटैक या बेहोशी की स्थिति में सीपीआर (CPR) जैसी जीवन रक्षक तकनीक का इस्तेमाल।

  • तकनीकी अभ्यास: ऊंचाई और दुर्गम रास्तों पर रस्सी के सहारे रेस्क्यू, पानी में डूबते को बचाना और अग्निशामक यंत्रों का सही उपयोग।

  • प्रबंधन: भीड़ को नियंत्रित करना, आपातकालीन संचार स्थापित करना और मॉक ड्रिल के जरिए त्वरित प्रतिक्रिया का अभ्यास।

निष्कर्ष

'युवा आपदा मित्र योजना' राजस्थान में आपदा प्रबंधन तंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की एक सार्थक कोशिश है। 57 एनसीसी कैडेट्स का यह पहला बैच अब न केवल खुद को सुरक्षित रखने में सक्षम है, बल्कि किसी भी विपरीत परिस्थिति में समाज के लिए एक अहम रक्षक बनकर उभरेगा।

« पिछली ख़बर लोन ऐप और टास्क स्कैम से रहें सावधान! राज्य सरकार ने जारी की... अगली ख़बर » जयपुर में 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन की तैयारियां ते...
🏷️ Tags:
#NCC Cadets #Yuva Aapda Mitra #Rajasthan Police #Disaster Management #SDRF #Jaipur News #First Responders #Rescue Operations
Author
संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

टिप्पणियां (0)

अपनी राय दें

🔔

मिशन की आवाज़

ताज़ा ख़बरों और हर बड़ी अपडेट का अलर्ट सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिए अपनी ईमेल डालें।

नहीं, धन्यवाद / स्किप करें