लोन ऐप और टास्क स्कैम से रहें सावधान! राज्य सरकार ने जारी की साइबर सुरक्षा एडवाइजरी
जयपुर, 18 जून: डिजिटल युग में साइबर ठगी के तेजी से बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने आमजन की सुरक्षा के लिए एक अहम कदम उठाया है। वित्तीय धोखाधड़ी और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से बचाव के लिए सरकार द्वारा एक विस्तृत साइबर सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है। इस चेतावनी का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को 'टास्क स्कैम' और 'इंस्टेंट लोन ऐप्स' के खतरनाक जाल से बचाना है।
आजकल साइबर अपराधी लोगों की तत्काल आर्थिक जरूरतों और अतिरिक्त कमाई की चाहत का फायदा उठाकर उन्हें अपना शिकार बना रहे हैं। इसे रोकने और डिजिटल स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए गृह विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऑनलाइन दुनिया में किस तरह की सावधानियां बरतना अनिवार्य है।
इंस्टेंट लोन ऐप्स का जाल और ब्लैकमेलिंग
सरकार की पहली एडवाइजरी अवैध और अनधिकृत 'इंस्टेंट लोन ऐप्स' को लेकर है। ये फर्जी ऐप्स बिना किसी गारंटी के तुरंत नकद ऋण देने का लुभावना वादा करते हैं। जब कोई व्यक्ति अपनी आर्थिक जरूरत पूरी करने के लिए इन एप्लिकेशन को फोन में इंस्टॉल करता है, तो स्कैमर्स उसके मोबाइल की कॉन्टैक्ट लिस्ट, गैलरी और अन्य निजी डेटा का एक्सेस चुरा लेते हैं।
एक बार जानकारी हाथ लगने के बाद अपराधियों का असली खेल शुरू होता है। वे मनमाना ब्याज वसूलने के साथ-साथ ग्राहकों को धमकाते हैं। पैसे न देने पर मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ की गई) तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर मानसिक उत्पीड़न और अवैध वसूली की जाती है। प्रशासन ने सख्त हिदायत दी है कि किसी भी वित्तीय ऐप को केवल अधिकृत प्लेटफॉर्म (जैसे आधिकारिक ऐप स्टोर) से ही डाउनलोड करें। साथ ही, इंस्टॉल करते समय ऐप को गैर-जरूरी परमिशन देने से बचें।
पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर 'टास्क स्कैम'
दूसरी एडवाइजरी में 'टास्क स्कैम' यानी ऑनलाइन पार्ट-टाइम जॉब के नाम पर हो रही धोखाधड़ी से सचेत किया गया है। शातिर ठग नामी कंपनियों के अधिकारी बनकर लोगों से संपर्क करते हैं। शुरुआत में वे आसान काम देकर उसके बदले छोटे भुगतान करते हैं, ताकि पीड़ित का भरोसा जीता जा सके।
जब व्यक्ति को विश्वास हो जाता है, तो ये ठग उसे बड़े मुनाफे का लालच देकर मोटी रकम निवेश करवा लेते हैं। सरकार ने आम नागरिकों से अपील की है कि बिना पूरी जांच-पड़ताल और सत्यापन के किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था के निवेश प्रस्ताव पर भरोसा न करें और न ही उन्हें पैसे ट्रांसफर करें।
निष्कर्ष: ठगी होने पर तुरंत उठाएं ये कदम
इस एडवाइजरी का सार यही है कि साइबर सुरक्षा केवल सतर्कता से ही सुनिश्चित की जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग या किसी संदिग्ध डिजिटल गतिविधि का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत एक्शन लेना चाहिए।
सरकार ने आह्वान किया है कि ऐसी स्थिति में बिना समय बर्बाद किए 'राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930' पर कॉल करें। इसके अलावा, आधिकारिक पोर्टल https://www.cybercrime.gov.in पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराएं। आर्थिक नुकसान को कम करने के लिए अपने संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान को तत्काल घटना की सूचना दें ताकि खाते को सुरक्षित किया जा सके।
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