योग दिवस 2026: डिप्टी CM प्रेमचंद बैरवा ने परिवार संग किया योगाभ्यास, प्रदेशवासियों से की यह खास अपील
जयपुर: राजस्थान के उपमुख्यमंत्री और आयुष मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने आगामी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले प्रदेशवासियों को स्वस्थ और निरोगी जीवनशैली का बड़ा संदेश दिया है। गुरुवार सुबह जयपुर स्थित अपने राजकीय आवास पर परिवार और स्टाफ के साथ योगाभ्यास करते हुए उन्होंने आम जनता से योग को केवल एक दिन का आयोजन न मानकर, इसे अपनी दैनिक दिनचर्या (Daily Routine) का अभिन्न हिस्सा बनाने का विशेष आह्वान किया है।
इस खबर की मुख्य बातें:
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सरकारी आवास पर योगाभ्यास: डिप्टी सीएम डॉ. बैरवा ने अपने परिवार और सहायकों के साथ विभिन्न योगासन, ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास किया।
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शारीरिक और मानसिक फायदे: उन्होंने बताया कि नियमित योग करने से शरीर ऊर्जावान रहता है, मन को असीम शांति मिलती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
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जनआंदोलन बनाने की अपील: आयुष मंत्री ने लोगों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राज्य स्तरीय कार्यक्रमों में भारी संख्या में भाग लेने का आग्रह किया है।
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स्वस्थ जीवन का मूल आधार: योग को केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि अनुशासित और सकारात्मक जीवन जीने की प्रभावी साधना बताया गया।
शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक शांति का अचूक उपाय है योग
गुरुवार को अपने आवास के उद्यान में योग मुद्राओं और ध्यान क्रियाओं का अभ्यास करने के बाद डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने योग के अनगिनत फायदों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग न केवल शारीरिक फिटनेस को बनाए रखने का सबसे कारगर माध्यम है, बल्कि यह मानसिक स्थिरता और जीवन में संतुलन भी लाता है। नियमित योगाभ्यास से इंसान की एकाग्रता (Concentration) कई गुना बढ़ जाती है और वह हमेशा सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है।
योग दिवस के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर लें हिस्सा
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के करीब आते ही राज्य सरकार ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में आयुष मंत्री ने प्रदेश की जनता से एक खास अपील करते हुए कहा कि योग को हमें एक बड़े 'जनआंदोलन' (Mass Movement) का रूप देना होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से राज्य सरकार द्वारा आयोजित किए जा रहे योग दिवस के राज्य और जिला स्तरीय कार्यक्रमों में उत्साह के साथ शामिल होने का न्यौता दिया है।
'योग केवल एक दिन तक सीमित न रहे'
डिप्टी सीएम डॉ. बैरवा ने अपने संबोधन के अंत में बहुत ही स्पष्ट शब्दों में कहा कि योग दिवस के मौके पर एक दिन योग कर लेना ही काफी नहीं है। एक स्वस्थ, निरोगी और खुशहाल समाज के निर्माण के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि हर व्यक्ति इसे अपनी जीवनशैली का स्थायी आधार बनाए। जब योग हमारी रोजमर्रा की आदतों में शुमार होगा, तभी हम सही मायने में एक अनुशासित और रोगमुक्त जीवन जी सकेंगे।
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