जयपुर में 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन की तैयारियां तेज, मुख्य सचिव ने दिए अहम निर्देश
जयपुर, 18 जून: राजधानी जयपुर स्थित राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) में आगामी 1 और 2 जुलाई को 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (एनसीईजी) का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम को सफल और ऐतिहासिक बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को मुख्य सचिव कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिए हुई इस बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और केंद्रीय प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने की। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
इस बार सम्मेलन का मुख्य विषय (थीम) 'विकसित भारत 2047: एआई एनेबल्ड, डेटा ड्रिवेन एंड सिक्योर डिजिटल गवर्नेन्स' रखा गया है। यह आयोजन डीएआरपीजी, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और राजस्थान सरकार की संयुक्त मेजबानी में हो रहा है, जिसमें नैस्कॉम और एमएनआईटी जयपुर नॉलेज पार्टनर की भूमिका निभा रहे हैं।
आउटरीच बढ़ाने और स्टार्टअप्स को जोड़ने पर जोर
बैठक के दौरान मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सम्मेलन की पहुंच (आउटरीच) को अधिक से अधिक व्यापक बनाया जाए। ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में हो रहे नए प्रयोगों और नवाचारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए उन्होंने स्टार्टअप्स और उद्योग जगत के साझेदारों का सक्रिय सहयोग लेने की बात कही। साथ ही, राज्य सरकार की ओर से की जा रही सभी तैयारियों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश दिए।
डीएआरपीजी सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने केंद्र के स्तर पर हो रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट साझा की। उन्होंने कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र, सत्रों के शेड्यूल, प्रदर्शनी स्टॉल, पंजीकरण प्रक्रिया, पुरस्कार वितरण, वीडियो फिल्म और वॉल ऑफ फेम जैसे अहम बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की।
राजस्थान सरकार आयोजित करेगी दो विशेष सत्र
तैयारियों का ब्यौरा देते हुए सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के विशिष्ट सचिव और आयुक्त हिमांशु गुप्ता ने बताया कि सम्मेलन में राज्य सरकार की ओर से दो खास सत्र रखे जाएंगे। इनका मुख्य फोकस युवाओं, नवाचारों और तकनीक के जरिए समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक सरकारी सेवाओं की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करने पर होगा। बैठक में डीएआरपीजी की अतिरिक्त सचिव सरिता चौहान समेत राज्य के आईटी विभाग के कई आला अधिकारी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन, केंद्रीय मंत्री देंगे अवार्ड
इस दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का विधिवत उद्घाटन 1 जुलाई को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा करेंगे। उद्घाटन सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौड़ भी अपने विचार साझा करेंगे।
सम्मेलन के दूसरे दिन यानी 2 जुलाई को समापन समारोह आयोजित होगा, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह शिरकत करेंगे। उनके द्वारा राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 प्रदान किए जाएंगे।
निष्कर्ष
यह सम्मेलन ई-गवर्नेंस के भविष्य की दिशा तय करने के लिहाज से एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगा। आयोजन में छह पूर्ण और छह ब्रेकआउट सत्र होंगे, जहां देश-विदेश के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद्, उद्योग विशेषज्ञ और विचारक डिजिटल गवर्नेंस की सर्वोत्तम प्रथाओं और उभरते रुझानों पर मंथन करेंगे।
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