राजस्थान पुलिस का 'महा-एक्शन': 10 दिन में 87 हजार से ज्यादा वाहनों पर गिरी गाज, हूटर और काली फिल्म वालों की खैर नहीं
राजस्थान में यातायात नियमों की अनदेखी कर सड़कों पर वीआईपी कल्चर का रसूख दिखाने वालों की अब खैर नहीं है। प्रदेश में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस महकमा पूरी तरह से सख्त नजर आ रहा है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष महाअभियान के तहत महज 10 दिनों के भीतर पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 87,945 वाहनों का चालान काटा है। यह एक्शन मुख्य रूप से उन वाहनों के खिलाफ लिया जा रहा है, जिन पर अवैध हूटर, लाल-नीली बत्तियां, शीशों पर काली फिल्म (ब्लैक फिल्म) और नियम विरुद्ध नंबर प्लेट लगे हुए हैं।
इस खबर की मुख्य बातें
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प्रदेशभर में 10 दिनों के सघन चेकिंग अभियान में 87,945 वाहनों पर हुई दंडात्मक कार्रवाई।
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काली फिल्म (ब्लैक फिल्म) लगे 33 हजार से ज्यादा वाहनों के काटे गए चालान।
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रसूख दिखाने के लिए अवैध हूटर और लाल-नीली बत्ती लगाने वाले 6 हजार से अधिक वाहन चालकों पर भी चला पुलिस का डंडा।
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यातायात पुलिस का साफ संदेश- नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हर जिले में सघन नाकेबंदी, ट्रैफिक पुलिस मुस्तैद
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (ट्रैफिक) श्री अनिल पालीवाल की देखरेख में चल रहे इस चेकिंग अभियान ने नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा दिया है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) डॉ. बी. एल. मीणा ने बताया कि पुलिस की टीमें हर जिले और प्रमुख चौराहों पर सघन नाकेबंदी कर रही हैं। सिर्फ शनिवार (अभियान के 10वें दिन) को ही पूरे प्रदेश में 8,750 वाहनों को रोककर उनके खिलाफ सख्त कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई गई है।
सुप्रीम कोर्ट के नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर सबसे ज्यादा एक्शन
अभियान के दौरान पुलिस के निशाने पर सबसे ज्यादा वो गाड़ियां रहीं, जिनके शीशों पर सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन करते हुए काली फिल्म चढ़ी हुई थी। 4 जून से 13 जून तक चले इस अभियान के आंकड़े बताते हैं कि पुलिस ने किस स्तर पर जाकर सख्ती बरती है:
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काली फिल्म (ब्लैक फिल्म): 33,918 वाहन
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फर्जी या नियम विरुद्ध नंबर प्लेट: 22,630 वाहन
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गाड़ी पर अनधिकृत शब्द, जाति या चिह्न: 12,094 वाहन
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गाड़ी के ढांचे (बॉडी/चेसिस) में अवैध बदलाव: 8,490 वाहन
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अवैध लाल-नीली बत्ती, फ्लैशर और हूटर: 6,097 वाहन
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प्रेशर/एयर हॉर्न बजाकर ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले: 4,716 वाहन
वीआईपी कल्चर बर्दाश्त नहीं, आगे भी जारी रहेगी सख्ती
एडीजी डॉ. मीणा ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि गाड़ियों पर अपनी जाति, किसी पद या संस्था का नाम लिखकर धौंस जमाना, और काली फिल्म की आड़ में घूमना पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि पुलिस का यह अभियान आगे और भी ज्यादा कड़ाई के साथ चलाया जाएगा। साथ ही, यातायात पुलिस ने सभी वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे सड़कों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यातायात नियमों का पूरी ईमानदारी से पालन करें।
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