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राजस्थान-हरियाणा के बीच सुलझेगा जल संकट: यमुना समझौते के लिए समय-सीमा तय, दिल्ली-राजस्थान RRTS पर भी बनी सहमति

CM Bhajanlal Sharma Meeting: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दिल्ली में यमुना जल समझौते और RRTS प्रोजेक्ट को लेकर हरियाणा के CM और केंद्रीय मंत्री के साथ महत्वपूर्ण बैठक की।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 13 May 2026 👁️ 50 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
राजस्थान-हरियाणा के बीच सुलझेगा जल संकट: यमुना समझौते के लिए समय-सीमा तय, दिल्ली-राजस्थान RRTS पर भी बनी सहमति

नई दिल्ली/जयपुर | विशेष संवाददाता

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य केंद्र यमुना जल समझौता और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाएं रहीं, जिन्हें जल्द धरातल पर उतारने के लिए ठोस रणनीति बनाई गई है।

यमुना जल समझौता: शेखावाटी की प्यास बुझाने की तैयारी

बैठक में हथिनीकुंड बैराज से राजस्थान के चूरू, सीकर और झुंझुनूं जिलों तक यमुना का पानी पहुँचाने के लिए पाइपलाइन परियोजना की समय-सीमा (Timeline) तय करने पर चर्चा हुई।

  • संयुक्त डीपीआर (DPR): राजस्थान ने पाइपलाइन के लिए संयुक्त डीपीआर तैयार कर हरियाणा के साथ साझा कर दी है।

  • टैपिंग पॉइंट्स: हरियाणा सरकार ने अधिकांश टैपिंग पॉइंट्स की सूचना दे दी है। अब जल्द ही इस डीपीआर को केंद्रीय जल आयोग (CWA) के पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा।

  • जल उपलब्धता: इस परियोजना के जरिए जुलाई से अक्टूबर तक 577 MCM पानी उपलब्ध होगा। इसके अलावा रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ परियोजनाओं के पूरा होने पर साल भर जल आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

दिल्ली-राजस्थान के बीच दौड़ेगी रैपिड रेल (RRTS)

परिवहन के क्षेत्र में भी राजस्थान को बड़ी सौगात मिलने जा रही है। बैठक में राजस्थान को हरियाणा के रास्ते दिल्ली से जोड़ने वाले RRTS प्रोजेक्ट को गति देने पर सहमति बनी है। इससे दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और आर्थिक विकास को नई रफ़्तार मिलेगी।

भिवाड़ी जल भराव और किशाऊ परियोजना पर मंथन

  • भिवाड़ी: औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में जल भराव की पुरानी समस्या के स्थायी समाधान पर दोनों राज्यों के बीच वार्ता हुई।

  • किशाऊ एवं अन्य बांध: उत्तराखंड और हिमाचल में प्रस्तावित किशाऊ, लखवार और रेणुका परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर राजस्थान को अपने हिस्से का 201 MCM अतिरिक्त जल प्राप्त होगा।

परियोजना का मुख्य उद्देश्य और लाभ

परियोजना मुख्य लाभ लक्षित क्षेत्र
यमुना पाइपलाइन 577 MCM पेयजल और सिंचाई चूरू, सीकर, झुंझुनूं
RRTS तीव्र गति परिवहन (Rapid Transit) दिल्ली - हरियाणा - राजस्थान
किशाऊ/रेणुका बांध वर्षभर जल की उपलब्धता संपूर्ण राजस्थान (यमुना बेसिन)

मुख्यमंत्री का संदेश: "आपसी सहयोग और समन्वय से राजस्थान और हरियाणा के विकास को नई गति मिल रही है। यमुना जल समझौते के धरातल पर उतरने से राजस्थान के बड़े हिस्से का जल संकट स्थायी रूप से समाप्त होगा।"

डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह लेख आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग और सरकारी सूचनाओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य पाठकों तक सुशासन और विकास संबंधी जानकारी पहुँचाना है।

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संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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