🕒 30 June 2026, Tuesday
राजस्थान

दिल्ली में सीएम भजनलाल शर्मा की प्रेस ब्रीफिंग: 'यमुना जल समझौता महज करार नहीं, राजस्थान की समृद्धि का आधार है'

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने नई दिल्ली के जोधपुर हाउस में प्रेस ब्रीफिंग की। उन्होंने 34,102 करोड़ रुपये की यमुना जल परियोजना को राजस्थान के विकास और जल सुरक्षा के लिए एक स्वर्णिम अध्याय बताया।
द्वारा Bhupendra Singh Sonwal 📅 30 Jun 2026 👁️ 7 व्यूज़ ⏱️ 1 मिनट रीड
दिल्ली में सीएम भजनलाल शर्मा की प्रेस ब्रीफिंग: 'यमुना जल समझौता महज करार नहीं, राजस्थान की समृद्धि का आधार है'

नई दिल्ली स्थित जोधपुर हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए यमुना जल परियोजना समझौते को राज्य के इतिहास का एक स्वर्णिम अध्याय बताया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल पानी के बंटवारे का कोई सामान्य करार नहीं है, बल्कि यह करोड़ों प्रदेशवासियों के उज्ज्वल भविष्य, दीर्घकालिक जल सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि का सबसे मजबूत आधार है।

30 साल का इंतजार खत्म, शेखावाटी को मिलेगा स्थायी समाधान

मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 34,102 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाली यह महापरियोजना विशेष रूप से शेखावाटी अंचल (चूरू, सीकर, झुंझुनूं) सहित प्रदेश के अन्य जल संकटग्रस्त क्षेत्रों के लिए जीवनदायिनी साबित होगी।

परियोजना के मुख्य सामाजिक और आर्थिक लाभ:

  • पेयजल सुरक्षा: लाखों परिवारों को शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

  • भूजल का संरक्षण: नहरी पानी आने से क्षेत्र में लगातार गिरते भूजल स्तर पर निर्भरता कम होगी।

  • आर्थिक विकास की रफ्तार: पानी की उपलब्धता बढ़ने से उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बनेगा, जिससे निवेश आकर्षित होगा।

  • रोजगार और कृषि: कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी, जिससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

'डबल इंजन' सरकार और सहकारी संघवाद की जीत

मुख्यमंत्री शर्मा ने इस ऐतिहासिक समझौते का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रभावी मार्गदर्शन और केंद्र व राज्य सरकारों के उत्कृष्ट समन्वय को दिया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यदि जनहित सर्वोपरि हो, तो तीन दशकों से लंबित पड़े जटिल से जटिल मुद्दों का भी सर्वसम्मत और सकारात्मक समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के तकनीकी और प्रशासनिक सहयोग की भी खुलकर सराहना की।

विकसित राजस्थान-2047 की ओर बढ़ते कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत-2047' के विजन में जल सुरक्षा को राष्ट्र निर्माण की धुरी माना गया है। पानी केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि सामाजिक और पर्यावरणीय संतुलन का सबसे महत्वपूर्ण संसाधन है।

उन्होंने प्रदेश की जनता को विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयबद्ध और पूरी गुणवत्ता के साथ धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। परियोजना के प्रत्येक चरण की नियमित रूप से उच्च स्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि इसका लाभ जल्द से जल्द आमजन तक पहुंच सके।

निष्कर्ष: यमुना जल समझौता आने वाले वर्षों में राजस्थान के विकास, समृद्धि और खुशहाली का नया प्रवाह बनकर उभरेगा। 34,102 करोड़ रुपये का यह निवेश भविष्य की पीढ़ियों को जल संकट से मुक्ति दिलाकर एक आत्मनिर्भर और जल-सुरक्षित राजस्थान के निर्माण की मजबूत आधारशिला सिद्ध होगा।

« पिछली ख़बर भोपर हादसा: बिजली विभाग की लापरवाही से तीन की मौत, मुआवजे और... अगली ख़बर » जयपुर: संस्कार स्किल सेंटर में रोजगार शिविर का आयोजन, 227 यु...
🏷️ Tags:
#CM Bhajanlal Sharma #Yamuna Water Agreement #Rajasthan Water Security #Shekhawati Water Crisis #PM Narendra Modi #Amit Shah
Author
संपादक (Editor)

Bhupendra Singh Sonwal

भूपेन्द्र सिंह सोनवाल एक प्रखर डिजिटल पत्रकार और भारतीय समाचार मीडिया कंपनी 'मिशन की आवाज' के संस्थापक हैं। वे मुख्य रूप से राजस्थान और देश के अन्य हिस्सों से सामाजिक न्याय, मानवाधिकार, और नीतिगत मामलों पर तीखी और निष्पक्ष रिपोर्टिंग करते हैं। आंकड़ों की तह तक जाना और जमीनी सच को बेबाकी से पेश करना उनकी विशेषता है। तथ्य-आधारित और स्वतंत्र पत्रकारिता के जरिए वे समाज के हर वर्ग तक सही सूचना पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

टिप्पणियां (0)

अपनी राय दें

🔔

मिशन की आवाज़

ताज़ा ख़बरों और हर बड़ी अपडेट का अलर्ट सीधे अपने इनबॉक्स में पाने के लिए अपनी ईमेल डालें।

नहीं, धन्यवाद / स्किप करें