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आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में नया कीर्तिमान: 90 करोड़ 'आभा' खाते पार, राजस्थान देश में दूसरे पायदान पर

By Jyoti Singh 📅 02 Jun 2026 👁️ 13 Views ⏱️ 1 Min Read
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन में नया कीर्तिमान: 90 करोड़ 'आभा' खाते पार, राजस्थान देश में दूसरे पायदान पर

जयपुर, 2 जून 2026: भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में डिजिटाइजेशन ने एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' (ABDM) के तहत देश भर में अब तक 90 करोड़ से अधिक 'आभा' (ABHA - Ayushman Bharat Health Account) खाते खोले जा चुके हैं। इस डिजिटल स्वास्थ्य क्रांति में राजस्थान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 7 करोड़ 19 लाख से अधिक आभा आईडी के साथ देश में दूसरा स्थान पक्का कर लिया है।

क्या है 'आभा' आईडी और यह क्यों जरूरी है?

'आभा' एक 14 अंकों की यूनिक हेल्थ आईडी है, जो मरीजों के लिए एक सुरक्षित डिजिटल मेडिकल लॉकर की तरह काम करती है। इसका सीधा मकसद स्वास्थ्य सेवाओं को पारदर्शी, तेज और नागरिक-केंद्रित बनाना है।

मरीजों को मिलने वाले प्रमुख फायदे:

  • कागजी झंझट से मुक्ति: सभी लैब रिपोर्ट, डॉक्टरों के पर्चे और पुरानी बीमारियों का रिकॉर्ड इस आईडी में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहता है। अस्पताल जाते समय भारी-भरकम मेडिकल फाइलें ले जाने की जरूरत खत्म हो गई है।

  • संपूर्ण डेटा सुरक्षा: रोगी का डेटा पूरी तरह सुरक्षित होता है। मरीज की स्पष्ट सहमति (Consent) के बिना कोई भी डॉक्टर या अस्पताल इस रिकॉर्ड को नहीं देख सकता, जिससे निजता बरकरार रहती है।

  • बेहतर और सटीक इलाज: डॉक्टर मरीज की पुरानी मेडिकल हिस्ट्री (Medical History) को एक क्लिक पर देख और समझ सकते हैं, जिससे आपात स्थिति में भी सही समय पर सटीक इलाज सुनिश्चित होता है।

  • आईएचएमएस (IHMS) से लिंकिंग: यह एबीडीएम कंप्लायंट सॉफ्टवेयर मरीज की आभा आईडी को इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (EHR) से जोड़ता है, जिससे पूरा मेडिकल इकोसिस्टम (अस्पताल, डॉक्टर और लैब) एक साथ निर्बाध रूप से काम करता है।

5 वर्षों में आभा खातों की तेज ग्रोथ

पिछले कुछ सालों के आंकड़े बताते हैं कि देशवासी तेजी से डिजिटल हेल्थ सिस्टम को अपना रहे हैं। आभा खातों के पंजीकरण का ग्राफ साल-दर-साल लगातार बढ़ा है:

  • 2021: 14.7 करोड़

  • 2022: 30.4 करोड़

  • 2023: 50.6 करोड़

  • 2024: 72.2 करोड़

  • 2025: 84.5 करोड़

  • 2026 (अब तक): 90 करोड़ के पार

राजस्थान में डिजिटल स्वास्थ्य तंत्र हुआ मजबूत

राज्य में गांव-ढाणी से लेकर बड़े शहरों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व और केंद्र सरकार के मार्गदर्शन में प्रदेश में तकनीकी नवाचारों का तेजी से क्रियान्वयन हो रहा है। 7.19 करोड़ आभा खातों का आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि राजस्थान के नागरिक अपने स्वास्थ्य प्रबंधन को लेकर जागरूक हैं और सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में डिजिटल सुविधाओं का सीधा लाभ उठा रहे हैं।

Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार राजस्थान सरकार के सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं व प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित है। इसका उद्देश्य आमजन को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं और डिजिटल नवाचारों के प्रति जागरूक करना है। 'आभा' कार्ड बनवाने और उससे जुड़ी तकनीकी या आधिकारिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल (abdm.gov.in) का अवलोकन करें।

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Jyoti Singh

ज्योति सिंह एक कुशल पत्रकार, शोध विश्लेषक और प्रमुख डिजिटल समाचार मंच मिशन की आवाज़ की सह-संस्थापक हैं। अपने पति भूपेंद्र सिंह सोनवाल (संस्थापक और मुख्य संपादक) के साथ मिलकर काम करते हुए, ज्योति न केवल पर्दे के पीछे एक सहयोगी हैं, बल्कि मीडिया नेटवर्क के विकास की मुख्य सूत्रधार भी हैं। उनकी जीवन कहानी उच्च जोखिम वाली खोजी पत्रकारिता और गहरे पारिवारिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाने की एक प्रेरणादायक मिसाल है, जो यह साबित करती है कि एक साझा दृष्टिकोण स्वतंत्र क्षेत्रीय मीडिया में क्रांति ला सकता है।

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