आज का पंचांग 16 जून 2026: ज्येष्ठ शुक्ल द्वितीया के शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ज्योतिषीय उपाय
हिंदू धर्म में किसी भी नए या मांगलिक कार्य की शुरुआत से पहले पंचांग (Panchang) देखने की सदियों पुरानी और वैज्ञानिक परंपरा है। पंचांग मुख्य रूप से पांच अंगों—तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण से मिलकर बनता है।
आज 16 जून 2026, दिन मंगलवार है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, वर्तमान में विक्रम संवत 2083 (सिद्धार्थि), शक संवत 1948 (पराभव) और ग्रीष्म ऋतु का उत्तरायण चल रहा है। आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि है। आइए, जानते हैं आज के दिन का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय।
16 जून 2026 का मुख्य पंचांग
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तिथि: ज्येष्ठ शुक्ल द्वितीया (सुबह 04:31 बजे से शुरू होकर 17 जून मध्यरात्रि 12:52 बजे तक)। इसके पश्चात तृतीया तिथि आरंभ होगी।
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नक्षत्र: आर्द्रा नक्षत्र (दोपहर 04:12 बजे तक), जिसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र लग जाएगा।
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योग: वृद्धि योग (सुबह 04:38 बजे से 17 जून मध्यरात्रि 12:34 बजे तक)। इसके बाद ध्रुव योग की शुरुआत होगी।
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करण: बालव (दोपहर 02:39 बजे तक), उसके बाद कौलव और फिर तैतिल।
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वार: मंगलवार।
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चंद्र राशि: आज चंद्रमा अपनी मित्र राशि मिथुन में गोचर कर रहा है।
सूर्योदय एवं चंद्रोदय का समय
मध्य भारत (उज्जैन/दिल्ली के मानक समय) के अनुसार आज सूर्य और चंद्रमा की स्थिति इस प्रकार रहेगी:
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सूर्योदय: सुबह 05:45 बजे
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सूर्यास्त: शाम 07:09 बजे
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चंद्रोदय: सुबह 06:35 बजे
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चन्द्रास्त: रात 08:50 बजे
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त
किसी भी महत्वपूर्ण निवेश, यात्रा या नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना बेहद आवश्यक है।
शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:09 बजे से 04:57 बजे तक (ध्यान, योग और आध्यात्मिक कार्यों के लिए सर्वोत्तम समय)।
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अमृत काल: सुबह 07:40 बजे से 09:04 बजे तक।
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अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक (दिन का सबसे शुभ समय, इसमें कोई भी नया काम शुरू किया जा सकता है)।
अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
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राहुकाल: दोपहर 03:48 बजे से शाम 05:29 बजे तक। (इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य या नई शुरुआत से सख्त परहेज करें)।
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यमगंड: सुबह 09:06 बजे से 10:46 बजे तक।
आज के विशेष योग और ज्योतिषीय सलाह
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विशेष योग: आज चंद्र दर्शन का महत्वपूर्ण दिन है। इसके अलावा आर्द्रा/पुनर्वसु नक्षत्र, मंगलवार और शुक्ल पक्ष की द्वितीया के संयोग से आज 'त्रिपुष्कर योग' का प्रभाव बन रहा है।
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ज्योतिषीय उपाय: आर्द्रा नक्षत्र के स्वामी भगवान शिव (रुद्र स्वरूप) हैं। आज के दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक करना या 'ओम नमः शिवाय' मंत्र का जाप करना अत्यंत लाभकारी रहेगा।
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रंग और दान: आज के दिन हरे रंग के वस्त्र धारण करना आपके लिए शुभ फलदायी हो सकता है। जरूरतमंदों को केले या फलों का दान करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।
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कार्यक्षेत्र: चंद्रमा के मिथुन राशि में होने के कारण संचार (Communication), बौद्धिक कार्यों और व्यापार से जुड़े फैसलों में आज आपको सक्रियता और सफलता दोनों देखने को मिल सकती है।
Disclaimer (अस्वीकरण): इस लेख में दी गई पंचांग से जुड़ी सभी जानकारियां पंचांग गणनाओं, धार्मिक ग्रंथों और सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं। हमारा उद्देश्य आप तक सटीक और प्रामाणिक जानकारी पहुंचाना है। हालांकि, अलग-अलग भौगोलिक स्थानों (शहर या राज्य) के अनुसार सूर्योदय, सूर्यास्त और मुहूर्तों के समय में कुछ मिनटों का अंतर आ सकता है। किसी भी विशेष मांगलिक कार्य, अनुष्ठान या महत्वपूर्ण निर्णय को लेने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी या स्थानीय पंडित से परामर्श अवश्य लें।
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