आज का पंचांग 12 जून 2026: ज्येष्ठ अधिक मास की द्वादशी, जानें शुक्र प्रदोष व्रत का मुहूर्त और राहुकाल
पंचांग के अनुसार, आज 12 जून 2026 (शुक्रवार) का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। वर्तमान में ज्येष्ठ अधिक मास (जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है) चल रहा है। आज कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि है, जो शुक्र प्रदोष व्रत और परमा एकादशी के पारण के लिए विशेष रूप से जानी जाती है। आइए जानते हैं आज के दिन का विस्तृत पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त और ग्रहों की स्थिति।
मुख्य पंचांग विवरण (12 जून 2026)
सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पहले ग्रहों और नक्षत्रों की चाल का आकलन किया जाता है। यहाँ आज के पंचांग का सटीक विवरण दिया गया है:
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
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सूर्योदय: सुबह 5:23 बजे से 5:44 बजे के बीच (स्थानीय समयानुसार)
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सूर्यास्त: शाम 7:08 बजे से 7:19 बजे के बीच
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चंद्रोदय: देर रात 2:41 बजे
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चंद्रास्त: दोपहर के बाद
आज के शुभ और अशुभ मुहूर्त
मांगलिक और महत्वपूर्ण कार्यों की सफलता के लिए शुभ समय का चुनाव करना चाहिए और राहुकाल जैसे अशुभ समय से बचना चाहिए:
शुभ मुहूर्त (शुभ कार्य हेतु):
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ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:08 बजे से 4:56 बजे तक (यह समय पूजा-पाठ, ध्यान और मंत्र जाप के लिए सर्वोत्तम है)।
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अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक (किसी भी नए और महत्वपूर्ण कार्य को शुरू करने के लिए यह दिन का सबसे शुभ समय माना जाता है)।
अशुभ काल (इनमें शुभ कार्य करने से बचें):
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राहुकाल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक।
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यमगंड: दोपहर 3:47 बजे से शाम 5:28 बजे तक।
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गुलिक काल: सुबह 7:25 बजे से 9:05 बजे तक।
आज के प्रमुख व्रत, त्योहार और विशेष उपाय
यह दिन पुरुषोत्तम मास में पड़ने के कारण आध्यात्मिक ऊर्जा को संचित करने के लिए अति उत्तम है।
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शुक्र प्रदोष व्रत: शुक्रवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को शुक्र प्रदोष कहा जाता है। आज शाम के समय भगवान शिव और माता पार्वती (शिव परिवार) की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि और शांति आती है।
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परमा एकादशी पारणा: जिन श्रद्धालुओं ने एक दिन पूर्व अधिक मास की परमा एकादशी का व्रत रखा था, वे आज शुभ मुहूर्त में अपना व्रत खोल सकते हैं (पारण कर सकते हैं)।
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आज क्या करें: शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी और दैत्य गुरु शुक्राचार्य को समर्पित है। आज के दिन शिव-विष्णु की संयुक्त आराधना करें। सफेद वस्तुओं का दान करना, गरीबों को भोजन कराना और 'श्री सूक्त' का पाठ करना आर्थिक उन्नति के लिए विशेष फलदायी माना गया है।
Disclaimer (अस्वीकरण):
इस लेख में दी गई पंचांग, शुभ मुहूर्त और व्रत-त्योहारों से जुड़ी सभी जानकारियां विभिन्न ज्योतिषीय गणनाओं, पंचांगों और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित हैं। हमारा उद्देश्य आप तक केवल सामान्य और सटीक सूचना पहुंचाना है। सूर्योदय और मुहूर्त के समय में भौगोलिक स्थिति (शहर/लोकेशन) के अनुसार थोड़ा अंतर आ सकता है। अतः किसी भी विशेष अनुष्ठान या कार्य से पहले कृपया अपने स्थानीय ज्योतिषाचार्य या विश्वसनीय पंचांग ऐप से समय की पुष्टि अवश्य कर लें।
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