RICEM स्वच्छता मैराथन: जयपुर में 73 नवनियुक्त राज्य सेवा अधिकारियों ने दौड़ लगाकर दिया 'स्वच्छता और सहकारिता' का संदेश
राजस्थान की राजधानी जयपुर में शनिवार (20 जून) की सुबह स्वच्छता और सहकारिता का एक अनूठा संगम देखने को मिला। राजस्थान सहकारी शिक्षा एवं प्रबंध संस्थान (RICEM) की ओर से ‘स्वच्छ सहकार समृद्ध सहकार’ की विशेष थीम पर एक शानदार 'स्वच्छता मैराथन' का आयोजन किया गया। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनता के बीच साफ-सफाई और सहकारिता के प्रति व्यापक जागरूकता फैलाना और इन आदर्शों को व्यावहारिक जीवन में उतारने के लिए प्रेरित करना था।
इस खबर की मुख्य बातें:
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जयपुर में RICEM द्वारा 'स्वच्छ सहकार समृद्ध सहकार' थीम पर स्वच्छता मैराथन का सफल आयोजन।
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सुबह 6:30 बजे जवाहर सर्किल से शुरू हुई यह दौड़ सरस संकुल (RCDF) पर जाकर संपन्न हुई।
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राजस्थान राज्य सेवा के 73 नवनियुक्त प्रशिक्षु (ट्रेनी) अधिकारियों ने इसमें पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया।
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वरिष्ठ अधिकारियों ने सरकारी कामकाज में स्वच्छता, अनुशासन और सहकारिता को अनिवार्य बताया।
जवाहर सर्किल से सरस संकुल तक दिखा उत्साह
यह मैराथन सुबह 6:30 बजे शहर के प्रसिद्ध जवाहर सर्किल से शुरू हुई और कदम-दर-कदम आगे बढ़ते हुए सरस संकुल (RCDF) पहुंचकर समाप्त हुई। सुबह-सुबह इस दौड़ में शामिल प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। दौड़ते हुए इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने रास्ते भर आम जनता को स्वच्छता और सामूहिक एकजुटता का सकारात्मक संदेश दिया।
73 नवनियुक्त अधिकारियों ने पेश की मिसाल
इस विशेष आयोजन में राजस्थान राज्य सेवा (सहकारिता, जेल, श्रम कल्याण और उद्योग विभाग) के 73 नव-नियुक्त प्रशिक्षु अधिकारियों ने अपनी सह-शैक्षणिक गतिविधियों के तहत बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस मैराथन का नेतृत्व आरआईसीईएम (RICEM) के निदेशक संजय पाठक ने किया। उनके कुशल निर्देशन में संस्थान के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ-साथ आरसीडीएफ (RCDF) के स्टाफ ने भी इस मुहिम में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाई।
'स्वच्छता और सहकारिता ही विकास की नींव'
मैराथन के समापन समारोह में वरिष्ठ अधिकारियों ने सभी नवनियुक्त ट्रेनी अधिकारियों का मार्गदर्शन किया। उन्होंने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने सेवाकाल के दौरान अनुशासन, साफ-सफाई और सहकारिता के मूल्यों को अपने काम और जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वच्छ परिवेश और सहयोगात्मक दृष्टिकोण ही किसी भी समाज के समग्र विकास और समृद्धि का सबसे महत्वपूर्ण आधार होता है।
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