राजस्थान में ग्रीन ट्रांसपोर्ट क्रांति: सीएम भजनलाल शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर शुरू की 'PM ई-बस सेवा', जयपुर-भीलवाड़ा को मिली पहली सौगात
जयपुर, 20 जून: राजस्थान में पर्यावरण अनुकूल, सुरक्षित और सुगम सार्वजनिक परिवहन की दिशा में आज एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार (20 जून 2026) को जयपुर के अमर जवान ज्योति से 'प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना' के तहत अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस भव्य समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने जयपुर रूट के लिए 29 ई-बसों की शुरुआत की, साथ ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भीलवाड़ा के लिए भी 18 इलेक्ट्रिक बसों का ऑनलाइन शुभारंभ किया। इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में कार्बन फुटप्रिंट और प्रदूषण को कम करना है।
इस खबर की मुख्य बातें:
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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 29 और भीलवाड़ा में 18 नई इलेक्ट्रिक बसों का किया ऐतिहासिक शुभारंभ।
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राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों के लिए कुल 1150 ई-बसें मंजूर, दीपावली 2026 तक पहले चरण में दौड़ेंगी 675 बसें।
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महिलाओं और यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और एसी जैसी आधुनिक सुविधाएं।
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मुख्यमंत्री ने खुद काउंटर से टिकट खरीदा और आम यात्री की तरह अमर जवान ज्योति से स्टेट हेंगर तक ई-बस में सफर किया।
आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं बसें, सीएम ने खुद लिया टिकट
ई-बसों को सड़कों पर उतारने से पहले मुख्यमंत्री ने वाहनों का विधिवत पूजन किया और उसमें दी गई तकनीकी सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। इन बसों को विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों और छात्र-छात्राओं के सफर को आरामदायक बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक बस में सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी पैनिक बटन लगाए गए हैं। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने खुद काउंटर से टिकट खरीदा और अमर जवान ज्योति से स्टेट हेंगर तक यात्रा कर सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता का जायजा लिया।
राजस्थान के 8 शहरों को मिलेंगी कुल 1150 ई-बसें
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शहरी परिवहन की सूरत बदलने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने अगस्त 2023 में 'पीएम ई-बस सेवा योजना' की नींव रखी थी, जिसके तहत डिपो निर्माण से लेकर संचालन तक में राज्य को पूरी मदद मिल रही है। राजस्थान के 8 प्रमुख शहरों—जयपुर, जोधपुर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा, अलवर और अजमेर का चयन इस योजना के लिए हुआ है।
केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश के लिए कुल 1,150 ई-बसें स्वीकृत की गई हैं। सीएम ने घोषणा की कि आगामी दीपावली तक प्रथम चरण की सभी 675 बसों का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा, अर्बन ट्रांसपोर्ट को मजबूत करने के लिए 555 अतिरिक्त ई-बसें और पर्यटकों के लिए 50 शानदार डबल डेकर इलेक्ट्रिक बसें भी चलाई जाएंगी।
'विकसित राजस्थान 2047' और पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संकल्प
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि 'डबल इंजन' सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में पानी, बिजली, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में राज्य को नई रफ्तार दी है। ई-बस सेवा की यह शुरुआत 'विकसित राजस्थान 2047' के विजन को साकार करने में एक टर्निंग पॉइंट साबित होगी।
इसके साथ ही उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए चलाए जा रहे 'हरियालो राजस्थान' अभियान का भी जिक्र किया, जिसके तहत अब तक राज्य में रिकॉर्ड 20 करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने सभी प्रदेशवासियों से 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण करने का आग्रह किया।
इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के दौरान जयपुर में विधायक कालीचरण सराफ, गोपाल शर्मा, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और जेसीटीएसएल के अध्यक्ष रवि जैन सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जबकि भीलवाड़ा से विधायक उदयलाल भडाणा और अशोक कोठारी वर्चुअल माध्यम से इस उत्सव का हिस्सा बने।
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