राजस्थान: पीएम पोषण योजना की गुणवत्ता जांच के लिए मुख्य सचिव के कड़े निर्देश, ₹953.97 करोड़ का बजट स्वीकृत
जयपुर: राजस्थान में स्कूली बच्चों को मिलने वाले मध्यान्ह भोजन (Mid-Day Meal) की पौष्टिकता और पारदर्शिता को लेकर राज्य सरकार ने निगरानी सख्त कर दी है। सोमवार, 1 जून 2026 को सचिवालय में आयोजित 'पीएम पोषण शक्ति निर्माण योजना' की राज्य स्तरीय संचालन एवं निगरानी समिति की बैठक में मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कागजी कार्रवाई के बजाय खुद धरातल पर उतरें और विद्यालयों का निरंतर भ्रमण कर भोजन की गुणवत्ता की जांच करें।
बैठक के दौरान केंद्र सरकार द्वारा राजस्थान के लिए स्वीकृत ₹953.97 करोड़ के बजट का अनुमोदन किया गया। मुख्य सचिव ने डिजिटल पारदर्शिता पर जोर देते हुए 'RAJSIMS' पोर्टल को तत्काल अपडेट करने के निर्देश भी दिए।
बैठक के मुख्य बिंदु और बड़े फैसले
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नियमित निरीक्षण: अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे औचक निरीक्षण करें ताकि बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरी तरह संतुलित और पौष्टिक भोजन मिल सके।
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सकारात्मक प्रभाव: योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से सरकारी स्कूलों में बच्चों का ड्रॉप-आउट रेट (स्कूल छोड़ना) कम हुआ है, कुपोषण के स्तर में गिरावट आई है और बच्चों की पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ी है।
राज्य सरकार के दो बड़े नवाचार: 'श्री कृष्ण भोग' और 'अतिथि माता'
बैठक में राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई दो विशेष पहलों की प्रगति रिपोर्ट भी साझा की गई, जिनकी सराहना खुद प्रधानमंत्री भी कर चुके हैं:
1. श्री कृष्ण भोग योजना यह नवाचार बच्चों में एनीमिया (खून की कमी) और कुपोषण को दूर करने में बेहद मददगार साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत 60 लाख 54 हजार 768 भोजन की थालियां बच्चों को परोसी गईं।
2. अतिथि माता कॉन्सेप्ट इस अनूठी पहल के तहत स्कूली बच्चों की माताओं और महिला अभिभावकों को स्कूल में आमंत्रित किया जाता है। वे न केवल भोजन की स्वच्छता और वितरण व्यवस्था का निरीक्षण करती हैं, बल्कि खुद भोजन चखकर स्वाद और गुणवत्ता पर अपनी लिखित प्रतिक्रिया (फीडबैक) भी दर्ज कराती हैं। इस मुहिम के तहत अब तक 55 लाख 19 हजार 810 माताएं स्कूलों का दौरा कर चुकी हैं।
वरिष्ठ अधिकारियों की रही मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्कूल शिक्षा के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश यादव, यूडीएच के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक गुप्ता, ग्रामीण विकास के शासन सचिव श्री कृष्ण कुणाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति के शासन सचिव श्री अम्बरीष कुमार सहित वित्त संयुक्त सचिव डॉ. भारती दीक्षित, आईसीडीएस निदेशक श्री वासुदेव मलावत और मिड-डे-मिल आयुक्त श्री विश्व मोहन शर्मा सहित शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह लेख सचिवालय जयपुर में आयोजित पीएम पोषण योजना की राज्य स्तरीय समिति की बैठक के आधिकारिक घटनाक्रम और सार्वजनिक आंकड़ों पर आधारित एक समाचार रिपोर्ट है। इसका उद्देश्य केवल आम जनता तक सूचना पहुंचाना है।
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