करौली: राजस्व मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जिला कलक्टर ने दिए त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश
करौली, 1 जून 2026: आमजन को राहत देने और सरकारी योजनाओं को समय पर धरातल पर उतारने के लिए करौली जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर श्री अक्षय गोदारा की अध्यक्षता में राजस्व अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला कलक्टर ने लंबित राजस्व मामलों, बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन और भूमि आवंटन से जुड़े कार्यों की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
लापरवाह पटवारियों पर गिरेगी गाज
बैठक में जिला कलक्टर ने सबसे ज्यादा जोर कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया। उन्होंने उपखंड अधिकारियों (SDOs) को सख्त निर्देश दिए कि जो पटवारी अपने काम में लापरवाही बरत रहे हैं या गलत रिपोर्ट पेश कर रहे हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, न्यायालयों के आदेशों की समय पर और सटीक पालना सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक के मुख्य बिंदु और कलक्टर के अहम निर्देश:
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कानून-व्यवस्था और 183(बी) के विवाद: कलक्टर ने निर्देश दिए कि 183(बी) से संबंधित भूमि विवादों को पूरी संवेदनशीलता के साथ निपटाया जाए। यदि किसी मामले में कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो, तो पुलिस बल का सहयोग लेकर तत्काल कार्रवाई की जाए।
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अस्पतालों के लिए भूमि आवंटन: स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के लिए भूमि आवंटन के प्रस्तावों का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए गए।
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चंबल परियोजना और सिलिकोसिस प्रकरण: चंबल परियोजना से जुड़े कार्यों के प्रस्ताव जल्द बनाकर भेजने और सिलिकोसिस पीड़ितों से जुड़े पेंडिंग मामलों को प्राथमिकता के साथ निपटाने पर जोर दिया गया।
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नियमित जनसुनवाई: उपखंड स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे नियमित रूप से जनसुनवाई करें, ताकि आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान हो सके।
इन लंबित प्रकरणों की हुई गहन समीक्षा
बैठक के दौरान राजस्व मुकदमात, भू-राजस्व व अन्य वसूली, नामान्तरण, सीमांकन, रास्तों के विवाद, आपसी सहमति से खातों का विभाजन, राजस्व रिकॉर्ड का शुद्धिकरण, और चारागाह या सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने जैसे अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अलावा, भूमिहीन किसानों को जमीन आवंटन, नई ढाणियों/मजरों को राजस्व ग्राम बनाने के प्रस्ताव और उच्च न्यायालय में विचाराधीन मामलों की प्रगति रिपोर्ट भी जांची गई।
बैठक में वीसी (वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग) कक्ष में अतिरिक्त जिला कलक्टर हेमराज परिड़वाल, एसीपी लेखराज जाटव, और उपखंड अधिकारी प्रेमराज मीणा मौजूद रहे, जबकि अन्य उपखंड अधिकारी वीसी के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार लेख सूचना एवं जनसम्पर्क कार्यालय, करौली (राजस्थान सरकार) द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर आम जन-जागरूकता के लिए लिखा गया है। इसका उद्देश्य सरकारी दिशा-निर्देशों और प्रशासनिक कार्रवाइयों की जानकारी पाठकों तक स्पष्ट और सटीक रूप से पहुंचाना है।
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