रिडको की नई भूमि आवंटन नीति मंजूर: राजस्थान में निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार, जोधपुर-पाली-मारवाड़ बनेगा बड़ा इंडस्ट्रियल हब
जयपुर: राजस्थान में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्थान इंडस्ट्रियल कॉरिडोर्स डवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (रिडको - RIDCO) की नई भूमि आवंटन एवं मूल्य निर्धारण नीति को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी गई है। इस बहुप्रतीक्षित फैसले के बाद जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (JPMIA) में औद्योगिक टाउनशिप के लिए भूखंडों के आवंटन का रास्ता साफ हो गया है।
इस नई नीति को मुख्य रूप से निवेश आकर्षित करने और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
नई आवंटन नीति की मुख्य विशेषताएं
यह नई नीति नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NICDC) के मॉडल फ्रेमवर्क पर आधारित है, जिसे राजस्थान की स्थानीय जरूरतों के हिसाब से कस्टमाइज किया गया है:
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ऑनलाइन और पारदर्शी प्रक्रिया: प्रत्यक्ष आवंटन, एफडीआई (FDI) परियोजनाओं और ई-नीलामी के जरिए भूखंडों का आवंटन पूरी तरह से ऑनलाइन होगा।
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लीज की अवधि: सामान्य औद्योगिक भूखंडों का आवंटन 99 वर्ष की लीज पर किया जाएगा।
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विशेष सेक्टरों के लिए लचीलापन: वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स, प्लग-एंड-प्ले और फ्लैटेड फैक्ट्री जैसी विशेष सुविधाओं के लिए 33 से 66 वर्ष तक की लचीली लीज और नवीनीकरण का विकल्प दिया गया है।
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भुगतान में छूट: शुरुआती निवेशकों द्वारा एकमुश्त अग्रिम भुगतान करने पर विशेष छूट मिलेगी। इसके अलावा 11 त्रैमासिक (ब्याजयुक्त) किस्तों में भुगतान की सुविधा भी दी गई है।
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पीपीपी (PPP) मॉडल: आवासीय और सामाजिक अवसंरचना के साथ-साथ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के विकास के लिए पीपीपी मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा।
जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (JPMIA) में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर
दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (DMIC) के तहत विकसित हो रहे पांच प्रमुख नोड्स में से एक जोधपुर-पाली-मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया है। यह रोहट तहसील में स्थित है, जो जोधपुर से 22 किमी और पाली से 40 किमी दूर है। यहां उद्यमियों के लिए बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास किया जा रहा है:
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सड़क एवं रेलवे: यह क्षेत्र NH-62 और SH-64 पर स्थित है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने यहां वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए अंडरपास बनाया है। साथ ही, 823 करोड़ रुपये की लागत से रोहट और मारवाड़ जंक्शन को जोड़ने वाली रेलवे लाइन के दोहरीकरण को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
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गैस पाइपलाइन: इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड द्वारा मेहसाणा-भटिंडा गैस ग्रिडलाइन से 4.5 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने की योजना तैयार है।
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बिजली और पानी: बिजली और पानी की निर्बाध सप्लाई के लिए रीको (RIICO) द्वारा विद्युत वितरण निगम और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के जरिए तेजी से काम करवाया जा रहा है।
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विकास कार्य शुरू: रिडको द्वारा 370 करोड़ रुपये के कार्यादेश दिसंबर 2025 में ही जारी किए जा चुके हैं और जमीनी स्तर पर काम प्रगति पर है।
औद्योगिक भूखंडों का आवंटन जल्द होगा शुरू
रीको के प्रबंध निदेशक और रिडको के सीईओ श्री सुरेश ओला ने बताया कि पहले चरण (फेज-1) में बिक्री के लिए लगभग 1186 एकड़ भूमि उपलब्ध है। भूखंडों के सीमांकन का कार्य पूरा होते ही आवंटन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस क्षेत्र में अलग-अलग उद्योगों के लिए 'सेक्टर विशेष जोन' भी बनाए जाएंगे, जिससे पूरे मारवाड़ क्षेत्र का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित होगा।
रिडको (भारत सरकार के NICDIT और राजस्थान सरकार के RIICO का संयुक्त उपक्रम) की इस पहल से राजस्थान, देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में से एक के रूप में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
Disclaimer (अस्वीकरण): यह समाचार पत्र सूचना के सार्वजनिक स्रोतों और संबंधित विभागों द्वारा जारी की गई प्रेस विज्ञप्तियों पर आधारित है। भूमि आवंटन, नियम-शर्तों और नीतिगत विवरणों की सटीक और आधिकारिक जानकारी के लिए कृपया रिडको (RIDCO) या रीको (RIICO) की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
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