राजस्थान में 28 जून को 'पोलियो रविवार': पड़ोसी देशों में केस मिलने के बाद अलर्ट, 5 साल तक के बच्चों को पिलाई जाएगी 'दो बूंद जिंदगी की'
जयपुर। पड़ोसी देशों में पोलियो के नए मामले सामने आने के बाद राजस्थान का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। इस संभावित खतरे से निपटने के लिए मंगलवार (16 जून 2026) को जयपुर में 'स्टेट टीकाकरण टास्क फोर्स' की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम की अध्यक्षता में हुए इस मंथन में यह फैसला लिया गया कि आगामी 28 जून को पूरे प्रदेश में 'पोलियो रविवार' (Pulse Polio Campaign) का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।
इस खबर की मुख्य बातें:
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28 जून को पल्स पोलियो अभियान: प्रदेश के सभी जिलों में 5 साल तक के बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो रोधी दवा।
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पड़ोसी देशों से बढ़ा खतरा: आसपास के मुल्कों में पोलियो के नए केस मिलने के कारण राज्य सरकार ने उठाया एहतियाती कदम।
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टास्क फोर्स के सख्त निर्देश: एनएचएम निदेशक डॉ. जोगाराम ने विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय और जन-जागरूकता बढ़ाने के दिए निर्देश।
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एचपीवी (HPV) वैक्सीन पर भी फोकस: बैठक में पल्स पोलियो के साथ-साथ नियमित टीकाकरण और एचपीवी अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
"एक भी बच्चा दवा पीने से न छूटे"
अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने संबंधित विभागों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला एवं बाल विकास, शिक्षा और पंचायती राज जैसे सभी विभाग चिकित्सा महकमे के साथ बेहतरीन समन्वय स्थापित करें। इस अभियान का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आमजन जागरूक हो सके और 5 साल तक का एक भी बच्चा पोलियो की खुराक पीने से वंचित न रहे। इसके लिए उन्होंने समय रहते स्वास्थ्य कर्मियों की ट्रेनिंग पूरी करने और जिला स्तर पर समितियों की नियमित बैठकें करने के निर्देश भी दिए।
क्यों पड़ी अचानक जरूरत?
बैठक के दौरान आरसीएच (RCH) निदेशक डॉ. मधु रतेश्वर ने चिंता जाहिर करते हुए बताया कि भारत के पड़ोसी देशों में हाल ही में पोलियो बीमारी के कुछ नए केस रिपोर्ट हुए हैं। इस बाहरी खतरे को देखते हुए राजस्थान के नौनिहालों को पूरी तरह सुरक्षित करना बेहद जरूरी है। यही कारण है कि एहतियात के तौर पर प्रदेश के सभी जिलों में इस महाभियान को युद्ध स्तर पर चलाने की रूपरेखा तैयार की गई है।
अन्य स्वास्थ्य योजनाओं पर भी हुआ मंथन
पोलियो अभियान के अलावा, टास्क फोर्स की इस बैठक में राज्य में चल रहे नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों की बारीकी से समीक्षा की गई। विशेष रूप से महिलाओं और किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए चलाए जा रहे एचपीवी (HPV) टीकाकरण अभियान की प्रगति रिपोर्ट पर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
इस उच्च स्तरीय बैठक में एनएचएम की अतिरिक्त मिशन निदेशक व आईईसी निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला, टीकाकरण के परियोजना निदेशक डॉ. रघुराज सिंह मौजूद रहे। इनके अलावा सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, दूरदर्शन, शिक्षा विभाग, विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और यूनिसेफ (UNICEF) के कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।
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