बाल विवाह मुक्त करौली का संकल्प: जिला कलक्टर ने किया 'जन-जागरूकता पोस्टर' का विमोचन
करौली, राजस्थान:
करौली जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से मिटाने के लिए जिला प्रशासन और एक्शनएड एसोसिएशन ने अपने प्रयासों को और अधिक तेज कर दिया है। इसी क्रम में जिला कलक्टर अक्षय गोदारा ने जिला सचिवालय में एक विशेष 'जन-जागरूकता पोस्टर' का विमोचन किया। यह पोस्टर आमजन को बाल विवाह के दुष्परिणामों के प्रति सचेत करने और इसके खिलाफ शिकायत करने के लिए प्रेरित करने का एक प्रभावी माध्यम बनेगा।
एक्शनएड एसोसिएशन की सराहनीय पहल
कार्यक्रम के दौरान जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि एक्शनएड एसोसिएशन जिले के मासलपुर ब्लॉक सहित पूरे क्षेत्र में बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संगठन की गतिविधियों में निम्नलिखित प्रमुख कार्य शामिल हैं:
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सामुदायिक संवाद: जन-जागरूकता के लिए लगातार संवाद कार्यक्रम और संवेदनशीलता मानचित्रण।
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सर्वेक्षण: बाल विवाह की संभावनाओं को रोकने के लिए जमीनी स्तर पर व्यापक सर्वे।
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शैक्षिक प्रोत्साहन: बालिकाओं की शिक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करना।
जिला समन्वयक दिनेश कुमार बैरवा के नेतृत्व में इन प्रयासों ने जिले में सामाजिक जागरूकता का एक सकारात्मक वातावरण तैयार किया है, जिससे बाल संरक्षण के कार्यों को नई गति मिली है।
सामूहिक सहभागिता पर जोर
पोस्टर विमोचन के अवसर पर जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अनिल शर्मा, समिति के सदस्य फजले अहमद, बाल मित्र हेमराज माली और अन्य सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में बाल विवाह को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयासों और सक्रिय जन-भागीदारी पर जोर दिया।
जिला प्रशासन ने विश्वास जताया है कि प्रशासन और सामाजिक संगठनों की यह संयुक्त पहल बाल विवाह की रोकथाम में एक मील का पत्थर साबित होगी और करौली को बाल विवाह मुक्त बनाने में मदद करेगी।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह रिपोर्ट आधिकारिक सूचनाओं पर आधारित है। यदि आप अपने क्षेत्र में बाल विवाह जैसी किसी गतिविधि की जानकारी रखते हैं, तो कृपया जिला बाल संरक्षण इकाई या चाइल्डलाइन (1098) पर संपर्क करें।
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