मुफ्त तीर्थ यात्रा को लेकर राजस्थान के बुजुर्गों में भारी क्रेज: 1.92 लाख ने कराया रजिस्ट्रेशन, 1.10 लाख चाहते हैं हवाई सफर
राजस्थान सरकार की 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026' को लेकर प्रदेश के बुजुर्गों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। देवस्थान विभाग द्वारा आयोजित इस मुफ्त तीर्थ दर्शन योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इस साल पूरे प्रदेश से 1 लाख 92 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों ने यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। खास बात यह है कि इनमें से 1.10 लाख से ज्यादा श्रद्धालु ट्रेन के बजाय हवाई जहाज से तीर्थ दर्शन करना चाहते हैं। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि योजना के तहत प्रदेश के सभी 41 जिलों से भारी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं।
इस खबर की मुख्य बातें
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राजस्थान की मुफ्त तीर्थ यात्रा योजना 2026 के लिए रिकॉर्ड 1,92,313 बुजुर्गों ने कराया रजिस्ट्रेशन।
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कुल आवेदकों में से 1 लाख 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने हवाई जहाज से यात्रा करने की जताई इच्छा।
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50 हजार बुजुर्गों को वातानुकूलित (AC) ट्रेन से 15 प्रमुख तीर्थ स्थलों और 6 हजार को फ्लाइट से पशुपतिनाथ के कराए जाएंगे दर्शन।
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आवेदनों के मामले में जयपुर (13,063) सबसे आगे, जबकि फलौदी जिले (559) से आए सबसे कम फॉर्म।
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निर्धारित सीटों से अधिक आवेदन होने के कारण कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के जरिए पारदर्शी तरीके से होगा यात्रियों का चयन।
15 प्रमुख धार्मिक स्थलों के कराए जाएंगे दर्शन
इस योजना के तहत राज्य सरकार 50 हजार बुजुर्गों को एसी (AC) ट्रेन के माध्यम से देश के 15 प्रमुख तीर्थ स्थानों की यात्रा करवाएगी। इन प्रमुख स्थलों में रामेश्वरम–मदुरई, जगन्नाथपुरी–कोणार्क, वैष्णो देवी–अमृतसर, द्वारकापुरी–सोमनाथ, हरिद्वार–ऋषिकेश, मथुरा–वृंदावन, सम्मेदशिखर, कामाख्या, महाकालेश्वर, तिरुपति बालाजी, श्री हजूर साहिब, गंगासागर और गोवा के प्रमुख धार्मिक स्थल शामिल हैं। इसके अलावा, 6 हजार चयनित श्रद्धालुओं को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन कराए जाएंगे। देवस्थान मंत्री ने स्पष्ट किया कि यात्रियों को उनके चुने गए विकल्प के अनुसार ही सफर पर भेजा जाएगा।
जयपुर ने मारी बाजी, सभी 41 जिलों से आए आवेदन
योजना के तहत देवस्थान विभाग को कुल 1,14,579 आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं, जिनमें पूरे प्रदेश के 41 जिलों की भागीदारी रही है। इस लिस्ट में राजधानी जयपुर सबसे आगे है, जहां से सर्वाधिक 13,063 फॉर्म भरे गए हैं। इसके बाद जोधपुर (6422), कोटा (5752), और उदयपुर (5078) के बुजुर्गों ने सबसे ज्यादा रुचि दिखाई है। दूसरी ओर, फलौदी जिले से सबसे कम, मात्र 559 आवेदन ही विभाग को मिले हैं।
लॉटरी सिस्टम से तय होंगे यात्रियों के नाम
चूंकि विभाग के पास निर्धारित सीटों की तुलना में कहीं अधिक आवेदन आए हैं, इसलिए यात्रियों का अंतिम चयन पूरी तरह से पारदर्शी रखा जाएगा। जिला स्तरीय समिति कम्प्यूटराइज्ड लॉटरी सिस्टम के जरिए जिलेवार आवंटित कोटे के हिसाब से यात्रियों के नाम तय करेगी। मुख्य सूची के साथ ही एक 'वेटिंग लिस्ट' भी तैयार की जाएगी, ताकि यदि कोई यात्री ऐन मौके पर नहीं जा पाता है, तो दूसरे को मौका मिल सके।
यात्रा के दौरान सब कुछ होगा मुफ्त
चयनित वरिष्ठ नागरिकों को इस तीर्थ यात्रा के दौरान एक भी पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। राज्य सरकार की ओर से यात्रियों के रहने, खाने-पीने, स्थानीय परिवहन (लोकल ट्रांसपोर्ट) और मेडिकल सहायता की पूरी व्यवस्था निशुल्क की जाएगी।
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